सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

February 11, 2026 10:24 am

सुरेश कश्यप ने लोक सभा में उठाया चीनी लहसुन के प्रतिबंध का मामला

शिमला, भाजपा लोक सभा सांसद सुरेश कश्यप ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से पूछा कि क्या सरकार को इस बारे में कोई सूचना या शिकायत मिली है कि चीनी लहसुन (जहरीला लहसुन) कई वर्षों से लगे प्रतिबंध के बावजूद इन दिनों भारतीय बाजार में बड़ी संख्या में बिक रहा है, यदि हां, तो इसका ब्यौरा क्या है? क्या यह न केवल अर्थव्यवस्था के लिए बल्कि भारत के लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर मुद्दा है ? और यह किस रास्ते से भारतीय सीमा पार कर भारतीय बाजारों में पहुंचा है और सरकार ने इसे रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं?

जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा की 

कृषि वस्तुओं के आयात को पादप संगरोध (भारत में आयात का विनियमन) आदेश, 2003 के माध्यम से विनियमित किया जाता है तथा पादप संरक्षण संगरोध एवं भंडारण निदेशालय (डीपीपीक्यूएंडएस), फरीदाबाद द्वारा किए गए विस्तृत कीट जोखिम विश्लेषण तथा तदनुसार निर्यातक देशों द्वारा अपनाए गए कीट शमन उपायों के बाद वस्तुओं के आयात की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां जैसे प्लांट क्वारंटीन स्टेशन, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) वस्तुओं के आयात और उनके प्रवेश के तरीके का निरीक्षण करती हैं और प्लांट क्वारंटीन ऑर्डर, 2003 और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के अनुसार चूककर्ताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करती हैं।

उन्होंने कहा कि चीन से आयातित लहसुन की खेप में क्वारंटीन महत्व वाले फंगस एम्बेलिसिया एली और यूरोसाइटिस सेपुले के बार-बार पाए जाने के कारण 06.09.2005 से चीनी लहसुन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सीबीआईसी ने बताया है कि सीमा शुल्क क्षेत्र संरचनाओं और डीआरआई ने 2023-24 के दौरान 546 मीट्रिक टन और 2024-25 के दौरान 507 मीट्रिक टन चीनी लहसुन जब्त किया है। डीएएंडएफडब्ल्यू के अंतर्गत सभी प्लांट क्वारंटीन स्टेशनों को देश में चीनी लहसुन के अवैध आयात को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया गया है।