सबकी खबर , पैनी नज़र

May 29, 2026 8:26 pm

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भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) का हिमाचल प्रदेश में आयोजन

शिमला: 29.06.2026, भारत की जनगणना सामान्यतः प्रत्येक दस वर्ष में संचालित की जाती है, जिसके तहत देश की जनसंख्या से संबंधित बहुआयामी आँकड़े संकलित किए जाते हैं । आगामी जनगणना 2027 भी पूर्ववर्ती जनगणनाओं की भाँति इस बार भी दो चरणों में संपन्न की जाएगी, जिनमें प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा द्वितीय चरण जनसंख्या गणना का होगा। भारतीय जनगणना का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवपूर्ण रहा है । भारत में जनगणना का प्रारंभ 1872 से माना जाता है, और दशकीय जनगणना की यह परंपरा डेढ़ शताब्दी से भी अधिक समय से निरंतर विकसित होती रही है । यह देश की जनसंख्या, परिवारों, आवासीय स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं तथा संसाधनों के वितरण से संबंधित प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है, जिसके आधार पर सरकारें नीतियाँ बनाती हैं ।
प्रथम चरण की अवधि एवं स्वरूप
हिमाचल प्रदेश में 16 वीं  जनगणना (जनगणना 2027) का प्रथम चरण, अर्थात मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना , दिनांक 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा । इस चरण में राज्य के प्रत्येक आवास इकाई तथा परिवार से संबंधित विस्तृत जानकारी का संकलन किया जाएगा । यह चरण राज्य के विकास कार्यक्रमों की बेहतर योजना एवं लक्षित क्रियान्वयन हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है ।
स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा
इस बार निवासियों की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है । नागरिक 01 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की सूचना स्वयं भर सकेंगे । स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपने सुविधा-जनक समय पर डाटा भर सकेंगे, जिससे प्रगणक (Enumerator) के कार्य में भी सुगमता होगी ।
प्रथम चरण का उद्देश्य एवं प्रश्नावली
पूर्ववर्ती जनगणनाओं की भाँति इस बार भी प्रथम चरण विशेष रूप से आवासीय स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तथा परिवार के पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी पर केंद्रित है । इस चरण के लिए कुल 33  प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं (मोबाइल नंबर प्रश्न के साथ) ।
मानवीय संसाधन एवं प्रशिक्षण व्यवस्था
हिमाचल प्रदेश में प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए लगभग 20,630 प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) की तैनाती की जाएगी । इन सभी की प्रभावी क्षमता निर्माण हेतु नेशनल ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर तथा फील्ड ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी जिलों में पूर्ण किए जा चुके हैं । अब प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण सभी चार्जों में 01 जून 2026 से 12 जून 2026 के बीच प्रस्तावित है, जिसमें उन्हें प्रश्नावली, कार्यप्रणाली, व्यवहार आचार-संहिता तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
डिजिटल डेटा संकलन एवं HLO मोबाइल ऐप
जनगणना 2027 का प्रथम चरण डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा । इस बार डाटा संकलन के लिए विशेष रूप से विकसित HLO (House Listing Operation) मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज की जाएगी । इस ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में डेटा अपलोडिंग, त्रुटि में कमी, बेहतर निगरानी तथा शीघ्र संकलन सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह डिजिटल नवाचार हिमाचल प्रदेश में जनगणना कार्य को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निवासियों से सहयोग की अपील
जनगणना कार्य निदेशालय , हिमाचल प्रदेश  सभी निवासियों से अपील करता है कि वे मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना  के दौरान गणनाकारों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएँ तथा स्व-गणना पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें। जनगणना के दौरान दी गई समस्त जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती है।
समापन
जनगणना 2027 से प्राप्त होने वाले आँकड़े हिमाचल प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, विद्युत, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा अन्य विकासात्मक योजनाओं की योजना-निर्माण एवं संसाधन आवंटन में महत्वपूर्ण आधार के रूप में उपयोग किए जाएँगे। अतः प्रत्येक नागरिक का सहयोग न केवल अपने परिवार के लिए, बल्कि सम्पूर्ण राज्य एवं देश के समावेशी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।