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January 22, 2026 12:46 pm

एनआईटी हमीरपुर में 5G यूज़ केस लैब का डीओटी के अपर डीजीटी द्वारा दौरा

नवाचार, डिजिटल समावेशन और दूरसंचार सुरक्षा पर दिया गया जोर

शिमला।श्री अनिल कुमार गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार (Addl. DGT) सह सलाहकार, हिमाचल प्रदेश लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (LSA), दूरसंचार विभाग (DoT) ने दूरसंचार विभाग की प्रमुख पहल के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर की 5G यूज़ केस लैब का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लैब के उपयोग, प्रगति तथा चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।

इस अवसर पर उनके साथ श्री संदीप आर्य, उप महानिदेशक (प्रौद्योगिकी), DoT तथा श्री रमेश कुमार, सहायक निदेशक (प्रौद्योगिकी), DoT भी उपस्थित रहे। उन्होंने संकाय सदस्यों एवं छात्रों से संवाद किया तथा संस्थान में 5G पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत संचालित तकनीकी अवसंरचना और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।

5G यूज़ केस लैब्स को देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार केंद्रों के रूप में स्थापित किया गया है, ताकि 5G आधारित अनुप्रयोगों और समाधानों के लिए प्रयोग, परीक्षण और विकास को बढ़ावा दिया जा सके। दौरे के दौरान DoT अधिकारियों ने एनआईटी हमीरपुर में चल रही परियोजनाओं, छात्र सहभागिता तथा 5G वातावरण के उपयोग की समीक्षा की।

इस अवसर पर एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एच. एम. सूर्यवंशी के साथ एक अनौपचारिक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें DoT प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें दूरसंचार विभाग की विभिन्न नागरिक-केंद्रित पहलों की जानकारी दी। चर्चा के दौरान उभरती प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने के लिए सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और युवाओं के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। यह दौरा उद्योग–शिक्षा साझेदारी और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए DoT की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि 5G यूज़ केस लैब्स का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों और शैक्षणिक समुदाय के बीच 5G तकनीकों में दक्षता और सहभागिता को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ये लैब्स स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों को वास्तविक 5G वातावरण में परियोजनाएं करने का अवसर प्रदान करती हैं तथा संस्थान के आसपास के स्टार्टअप्स, एमएसएमई और अन्य कंपनियों के लिए भी सुलभ हैं।

DoT अधिकारियों ने एनआईटी हमीरपुर के संचार मित्रों से भी संवाद किया, जो दूरसंचार विभाग की संचार मित्र योजना के अंतर्गत छात्र स्वयंसेवक हैं और डिजिटल दूत के रूप में दूरसंचार जागरूकता, डिजिटल साक्षरता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। अधिकारियों ने संचार मित्रों को संचार साथी पोर्टल तथा उसकी प्रमुख सुविधाओं—जैसे खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक एवं ब्लॉक करना, अनधिकृत कनेक्शनों की निगरानी व रिपोर्टिंग, दूरसंचार धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग तथा दूरसंचार सुरक्षा उपायों की जानकारी—के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी।

प्रो. एच. एम. सूर्यवंशी, निदेशक, एनआईटी हमीरपुर ने दूरसंचार विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एनआईटी हमीरपुर में 5G यूज़ केस लैब की स्थापना छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य करने तथा राष्ट्रीय डिजिटल पहलों में योगदान देने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करती है।

डॉ. अर्चना संतोष नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर ने कहा कि DoT के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस प्रकार की सहभागिता से छात्रों और परिसर समुदाय के बीच डिजिटल सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी से बचाव और दूरसंचार सेवाओं के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

डॉ. अश्वनी राणा, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग (DoECE) तथा नोडल अधिकारी, 5G यूज़ केस लैब ने बताया कि यह लैब 5G क्षेत्र में शैक्षणिक परियोजनाओं, अनुसंधान गतिविधियों और नवाचार को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है तथा आगे भी शिक्षा और उद्योग के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करती रहेगी।

दो दिनों तक चले इस दौरे एवं संबंधित गतिविधियों का समन्वय डॉ. राकेश शर्मा एवं डॉ. संदीप कुमार सिंह, 5G यूज़ केस लैब के समन्वयकों द्वारा किया गया। उन्होंने संस्थान प्रबंधन और DoT के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं दौरे के लिए आभार व्यक्त किया तथा संचार मित्र योजना और संचार साथी पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एवं साइबर धोखाधड़ी के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने हेतु DoT टीम के प्रयासों की सराहना की।

5G तकनीक में नवाचार को प्रोत्साहित करने, डिजिटल भारत निधि (DBN) जैसी पहलों के माध्यम से डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने और संचार मित्र योजना के तहत युवा स्वयंसेवकों को सशक्त बनाने के माध्यम से दूरसंचार विभाग हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में दूरसंचार सुरक्षा को सुदृढ़ करने, ग्रामीण कनेक्टिविटी में सुधार और तकनीकी प्रगति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।