कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियों की बहाली की मांग को लेकर आज जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर तथा सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में आयोजित किए गए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में आयोजित धरने में शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि CAS के तहत लंबित पदोन्नतियों को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से CAS प्रमोशन को रोके रखना शिक्षकों के साथ अन्याय है।
इस दौरान डॉ. अशोक बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को शीघ्र ही इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए, अन्यथा शिक्षकों को आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। डॉ. शशिकांत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि CAS पदोन्नतियां शीघ्र बहाल नहीं की गईं तो आने वाले समय में प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
डॉ. संजय ने अपने संबोधन में कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को स्वयं हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय का समाधान हो सके। डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि सरकार जानबूझकर शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उधर हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में भी शिक्षकों ने रैली निकालकर CAS बहाली की मांग को लेकर धरना दिया। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षकों की जायज मांगों को तुरंत मान लेना चाहिए। इस दौरान डॉ. दिनेश करोफा तथा जॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष प्रो. जनार्दन सिंह ने भी CAS की बहाली की जोरदार मांग उठाई।
इसी प्रकार सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में भी डॉ. सुनील के नेतृत्व में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर CAS पदोन्नतियों को बहाल करने की मांग की।
जॉइंट एक्शन कमेटी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार शीघ्र ही इस मुद्दे का समाधान नहीं करती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी कि CAS पदोन्नतियों की बहाली में और देरी होने पर प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।









