शिमला (हिमदेव न्यूज़) 13 अगस्त 2022 करुणामूलक संघ को भूख हड़ताल पर बैठे हुए 380 दिन का समय बीत चुका है! और निरंतर यह आंदोलन शिमला के कालीबाड़ी के समीप एक वर्षाशालिका मैं निरंतर चला है !
इसके उपरांत करुणामूलक संघ द्वारा 13 तारीख को शिमला मैं चले मानसून सत्र पर विधानसभा घेराव किया गया जिसमें हजारों की संख्या में करुणामूलक आश्रित परिवार सहित जिला शिमला में सड़कों पर उतर आए ! प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि ये आंदोलन देश का सबसे बड़ा आंदोलन का रूप ले चुका है करुणामूलक संघ ने किसान आंदोलन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है लेकिन अभी भी प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री व मंत्री इन आश्रितों का हाल-चाल जानने उनके रेन बसेरे में एक बार नहीं आए !
ऐसी कौन सी मजबूरियां है जो प्रदेश सरकार इन परिवारों का हालचाल जानने नहीं आए !
बता दे यह करुणामूलक आश्रित परिवार 380 दिन से कालीबाड़ी मंदिर के समीप एक वर्षा शालिका मैं भूख हड़ताल पर निरंतर बैठे हुए हैं !
इस दोरान इन आश्रितों ने ग्रीष्म ऋतु से लेकर शरद ऋतु , बरसात ,
वो हिमाचल प्रदेश के मनाए जाने वाले सभी त्योहार इसी वर्षा शालिका में गुजार दिए! क्या प्रदेश सरकार का इन आश्रितों के प्रति कोई करुणा का भाव नहीं है !
जबकि प्रदेश के मुखिया जयराम ठाकुर जी प्रेस वार्ता में कहा करते कि सरकारी कर्मचारी प्रदेश की उन्नति में रीड की हड्डी होता है ! दुर्भाग्यवश अगर इन परिवारों की रीढ़ की हड्डी टूट गई है तो क्या प्रदेश सरकार के मुखिया क्यों इन परिवारों को अनदेखा कर रहे जो जिला शिमला मैं 1 साल से भूख हड़ताल पर बैठे हैं क्या यह बड़ी-बड़ी बातें क्या चुनावों तक ही सीमित है !
मुख्य मांगे :- 1) समस्त विभागों, बोर्डों,यूनिवर्सिटी ब निगमों में लंबित पड़े क्लास-सी के करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नोकरियों के केसों छठे वेतन आयोग को आय सीमा में न जोड़कर जो 7/03/2019 की पॉलिसी मे आ रहे हैं उनको वन टाइम सेटलमेंट के तेहत सभी को एक साथ नियुक्तियाँ दी जाएं| 2) पॉलिसी में संशोधन किया जाए व 62500 एक सदस्य सालाना शर्त हटाई जाए |








