6 नवंबर को पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के आवास का किया जाएगा घेराव।
शिमला हिमदेव न्यूज़ 30 अक्तूबर, 2022:
आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार द्वारा शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय और भेदभाव से जुड़े मुद्दों का कोई ठोस समाधान न करने और पंजाब की जनता से किए गए वादों को पूरा न करने के खिलाफ पंजाब के तीन प्रमुख अध्यापक संघ डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डी.टी.एफ) पंजाब, ई. टी. टी. टेट पास शिक्षक संगठन 6505 और और ओ.डी.एल. शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिमला रिज पर सैकड़ों शिक्षकों ने “पोल खोल” धरना दिया। रिज पर धरना देने के बाद अध्यापक संगठनों का पुलिस प्रशासन के साथ तीखा टकराव हुआ। टकराव के बावजूद अध्यापक संगठनों ने माल रोड पर रोष मार्च किया। इसके उपरांत पुलिस द्वारा अध्यापकों को गिरफ्तार करके पुलिस स्टेशन ले जाया गया और 2 घंटे बाद रिहा किया गया।
अध्यापकों द्वारा मांगें पूरी न होने पर 6 नवंबर को पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आनंदपुर साहिब (पंजाब) आवास के पास बड़े पैमाने पर धरना देने और गुजरात में भी विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई ।इस अवसर पर डी.टी.एफ पंजाब के अध्यक्ष विक्रम देव सिंह, ओ.डी.एल. शिक्षक संघ पंजाब के अध्यक्ष बलजिंदर गरेवाल और ई. टी. टी. टेट पास शिक्षक संगठन 6505 के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ‘आप’ के चुनाव प्रभारी हरजोत बैंस द्वारा पंजाब में शिक्षकों की समस्या का समाधान करने की बजाय पहले की कांग्रेस,अकाली-बी.जे.पी. सरकारों की तरह डराने-धमकाने की नीति का इस्तेमाल किया जा रहा है। पीड़ित शिक्षकों की समस्याओं के संबंध में कहा गया कि पंजाब के शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 में 4500 ई.टी.टी. पदों पर नियमित रूप से भर्ती हुए 180 ई.टी.टी. टेट पास शिक्षकों की पिछले पाँच वर्षों की सेवा को समाप्त करते हुए, प्रारंभिक भर्ती की सेवा शर्तों से अलग कर दिया गया और दो साल की प्रोबेशन अवधि को सफलतापूर्वक पास करने के बावजूद मई 2021 में नियमों के विरुद्ध नए नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए, नयां प्रोबेशन काल और वेतन को कम कर नए वेतनमान लागू किए गए हैं। इसी प्रकार 7654, 3442 एवं 5178 शिक्षकों की भर्तियों के सभी शेष शिक्षकों को तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर विज्ञापन एवं नियुक्ति पत्र की शर्तों के तहत रेगुलर कर दिया गया है। लेकिन लगभग 125 ओ.डी.एल. शिक्षकों के साथ भेद भाव किया गया और विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर की योग्यता के आधार पर इनकी सेवाओं को नियमित नहीं किया गया । जबकि इस से पहले और बाद की कई भर्तियों के हजारों ओ.डी.एल. शिक्षकों की सेवाओं को रेगुलर और पदोन्नत भी किया गया है। शिक्षक संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार गुजरात, हिमाचल और दूसरे राज्यों में झूठे विज्ञापनों पर करोड़ो रुपए खर्च करने के कारण,पहले से ही तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबे पंजाब के खजाने पर अधिक बोझ डाल रही है। शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देने की बात करने वाली आम आदमी पार्टी के पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के 25,000 से अधिक पद और शिक्षा अधिकारियों के 40 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके अलावा नई शिक्षा नीति-2020 के तहत आप सरकार द्वारा निजीकरण और केंद्रीकरण के पक्ष में शिक्षा के निजीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र सिंह, सोहन सिंह, गुरप्यार कोटली, गुरकृपाल सिंह, राकेश कुमार, कुलविंदर जोशन, अमनदीप कौर, जसविंदर सिंह, हरदीप टोडरपुर, परमजीत कौर, अमन बरनाला, लखविंदर सिंह, मोहन सिंह, परमिंदर मानसा, मनजीत बाबा, संदीप मोगा, बलजिंदर बरनाला, परमजीत सिंह, प्रभजोत सिंह आदि यूनियन नेता शामिल रहे। द्वारा …
लवदीप रोकी (9463658000)
भालेश शर्मा (7837000458)











