आज इंडियन नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 09 चैत्र 1945 ???????? आज ग्रेगोरियन अंग्रेजी दिनांक 30 मार्च 2023 ???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, आदि पर अंग्रेजी में चेक लिखना हो तब INC 09 CHIR 1945 हिंदी में चेक भरना हो तब राष्ट्रीय सौर 09 चैत्र 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? हमारा देश अनेकता से एकता में है, जो भी बड़ा राजा हुआ उसने अपने नाम से संवत चलाएं, आज भारत में दर्जनों संबत् देखने में आते हैं, किसी एक क्षेत्र की प्रतिबद्धता किसी एक राजा ब धर्म गुरु के साथ है।हमें इन सब बातों को छोड़कर जो संविधान में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय शक संवत 1945 है इसी को व्यवहार में लाना चाहिए, अथवा इसमें भी कुछ सुधार करके युगाब्द संवत 5125 जो सभी धर्म गुरुओं को और सभी प्रदेशों को मान्य है इसको भी अपना सकते हैं ???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 09 चैत्र 1945 (5125) ???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125 चैत्र मासे (वैदिक नाम मधु मासे) दिनांक 09 गुरु वासरे ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजा अहम् करिष्यामी ???????? राष्ट्रीय शक् संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत् (सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125???? संवत्सर पिंगल ???? उत्तरायण
???? ऋतु वसन्त
???? वेदों के अनुसार इस महीने का नाम मधु मास है
???? चन्द्र के अनुसार महीना चैत्र पक्ष शुक्ल
???? तिथि नवमी
???? वार गुरु वार
???? नक्षत्र पुनर्वसु
???? दिनमान 30 घटी 40 पल । (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 6:18 सूर्य अस्त 6:34
???? मीन राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 16
???? दिशाशूलदक्षिण (यदि यात्रा आवश्यक हो तो जीरा या दही खा कर घर से निकले) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 to 12:50
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 1:58 pm से 3:31 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।
???? श्री राम नवमी, 30 मार्च गुरुवार
???? तारा अस्त गुरु अस्त 30 मार्च से 30 अप्रैल तक
???? कामदा एकादशी व्रत 1 अप्रैल शनिवार
???? सोम प्रदोष व्रत 3 अप्रैल सोमवार
???? श्री महावीर जयंती जैन 4 अप्रैल मंगलवार
???? सत्यनारायण पूर्णिमा व्रत 5 अप्रैल बुधवार
???? पूर्णिमा स्नान ब दान, हनुमान जयंती 6 अप्रैल गुरुवार
???? गंडमूल 01 अप्रैल 1:56 am से 3 अप्रैल 7:23 am तक
???? पंचक 16 अप्रैल प्रातः 4:42 से 19 अप्रैल रात्रि 11:52 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 30 मार्च प्रातः 6:18 से 31 मार्च प्रातः 6:16 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 30 मार्च प्रातः 6:18 से 31 मार्च प्रातः 6:16 तक
???? अमृत सिद्धि योग 30 मार्च रात्रि 10:58 pm से 31 मार्च प्रातः 6:16 am तक
???? गुरु पुष्य योग 30 मार्च रात्रि 10:58 मिनट से 31 मार्च प्रातः 6:16 तक
???? द्विपुष्कर योग 21 मई प्रातः 9:04 am से रात्रि 10:10 pm तक(इस समय में किया गया कार्य दोगुना होता है)
???? त्रिपुष्कर योग 17 अप्रैल 4:06 am से 5:57am तक
???? ज्वालामुखी योग 01 अप्रैल 1:56 am से 2 अप्रैल 1:58 am तक (इस योग में कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए)




