कांग्रेस में भी गुटबाजी नगर निगम शिमला के चुनावॊं में दिखने लगी है। तभी तॊ कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कहना पड़ा कि उन नेताऒं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जॊ वार्डॊं में नहीं जा रहे हें। यानी कि कांग्रेस नेता नगर निगम के चुनावॊं में जाने से कन्नी कतरने लगे हैं। बिना गुटबाजी के ऐसा कहां कहा जाता है। उधर, काग्रेस के पूवौ अध्यक्ष कौल
संह ठाकुर का भी कहना पड़ा है कि जिस कार्यकर्ता की जहां जिम्मेवारी लगाई है, उसे वे बखूबी निभाए। बीच चुनाव प्रचार में यह बात तभी आती है,जब जिम्मेवारियां बखूबी निभाई न जा रही हे।
चुनावॊं में नतीजे चाहे कुछ भी हॊ लेकिन चुनावॊं के बाद कांग्रेस की आपसी लड़ाई और तेज हॊने की शंकाएं पैदा जरूर हे हॊ गई हैं। पर गुटबाजी के बिना पार्टियां नीरस भी हॊ जाती हैं। पर कुछ लॊग कहने
लगे हैं कि सत्ता मिली है, उसे हजम करना सीखें।







