???????? आज इंडियन नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 22 वैशाख 1945 ???????? आज ग्रेगोरियन अंग्रेजी दिनांक 12 मई 2023 ???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, आदि पर अंग्रेजी में चेक लिखना हो तब INC 22 VYSK 1945 हिंदी में चेक भरना हो तब राष्ट्रीय सौर 22 वैशाख 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए ???? किसी भी युग का आरंभ किसी व्यक्ति विशेष या भगवान के जन्मदिन पर नहीं होता सतयुग का आरंभ ग्रह नक्षत्रों की विशेष स्थिति में होता है जैसा कि महाभारत में लिखा है जब सूर्य चंद्रमा बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र विषुव दिवस (जिस दिन दिन -रात बराबर होते हैं बसंत संपात आरंभ होता है उसी दिन से नववर्ष का आरंभ होता है उसी का नाम विषुव दिवस है) पर एक साथ होते हैं तब सतयग का आरंभ होता है और इसका आरंभ रात के 12:00 बजे होता है इसका सूर्योदय से कोई संबंध नहीं नहीं है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भी कोई संबंध नहीं। हमें अपने आप में सुधार करना चाहिए हम हजारों साल गुलाम रहे हैं अब गुलामी से निकलो और वेदों में जो लिखा है उसका अनुसरण कर ???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 22 वैशाख1945 (5125)???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125 वैशाख मासे (वैदिक नाम माधव मासे) दिनांक वैशाख 22 शुक्र वासरे ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजा अहम् करिष्यामी संकल्प में तिथि नक्षत्र आदि कहना कर्मकांड की भाषा है, हम जनसाधारण तिथि नक्षत्र के बिना भी संकल्प कर सकते हैं।???????? राष्ट्रीय शक् संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125???? संवत्सर पिंगल
???? उत्तरायण
???? ऋतु ग्रीष्म
???? वेदों के अनुसार इस महीने का नाम माधव मास है
???? चन्द्र के अनुसार महीना ज्येष्ठ पक्ष कृष्ण
???? तिथि सप्तमी प्रातः 9:06 तक तदुपरांत अष्टमी
???? वार शुक्र वार
???? नक्षत्र श्रवण दोपहर 1:02 तक तदुपरांत धनिष्ठा
???? दिनमान 33 घटी 25 पल (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 5:36 सूर्य अस्त 6:58
???? मेष राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 29
???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दूध या दही खा कर घर से निकले) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 to 12 :44
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 10:36 am से 12:17 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।
???? कालाष्टमी 12 मई शुक्रवार
???? अपरा एकादशी व्रत 15 मई सोमवार
???? प्रदोष व्रत, सावित्री व्रत आरंभ, मासिक शिवरात्रि 17 मई बुधवार
???? वट सावित्री व्रत पूजन, शनि जयंती 19 मई शुक्रवार???? गंडमूल 16 मई प्रातः 8:14 से 18 मई प्रातः 7:22 तक
???? पंचक 13 मई 00:19 am से 17 मई 7:30 am तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 16 मई प्रातः 5:34 से प्रातः 8:14 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 12 मई प्रातः 5:36 से दोपहर 1:02 तक
???? अमृत सिद्धि योग 20 मई प्रातः 8:02 से 21 मई प्रातः 5:31 तक
???? गुरु पुष्य योग 25 मई प्रातः 5:30 से शाम 5:52 तक
???? द्विपुष्कर योग 21 मई प्रातः 9:04 am से रात्रि 10:10 pm तक(इस समय में किया गया कार्य दोगुना होता है)
???? त्रिपुष्कर योग 20 जून प्रातः 5:27 से दोपहर 1:07 तक
???? ज्वालामुखी योग 5 जून 3:22 am से 6:39 am तक (इस योग में कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए)




