डिज़ाइन की दुनिया से जोड़ने के लिए एन.आई.डी. भोपाल की पहल
भोपाल, 5 जून। प्रकृति सबसे बड़ी डिज़ाइनर है और जितना समृद्ध पर्यावरण होगा उतना ही सुखद और स्वस्थ हमारा जीवन होगा। ये बात नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन मध्यप्रदेश के निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कही। वो एन. आई. डी. द्वारा आयोजित सात दिवसीय आवासीय डिज़ाइन शिविर का शुभारम्भ करते हुए प्रतिभागियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की दुनिया दरअसल हम सबकी जीवनशैली को बेहतर बनाने की निरन्तर कोशिश है।औपचारिक उद्घाटन के बाद निदेशक सहित प्रतोभागियों ने परिसर में ही पेड़ लगाए। इस अवसर पर आर्ट प्रमोटर सुनिल शुक्ल ने प्रतिभागियों के स्वागत करते हुए कहा कि ज़रूरी नहीं आप डिज़ाइनर ही बनें लेकिन ऐसा शिविर निश्चित ही आपको कलात्मक, सुरुचिपूर्ण और बेहतर इंसान बनने में मदद करेगा।डिज़ाइन शिविर के समन्वयक डॉ. शबरीधरन ने बताया कि आज फ़ोटोग्राफी और स्केचिंग के बाद शाम को रोज़ सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी जिनमे विहान ड्रामा वर्क्स का नाटक ‘दुपहर’ खेला जाएगा। कल की गतिविधियों में टाई एंड डाई, ब्लॉक प्रिंटिंग एवं पद्म श्री दुर्गा बाई व्याम द्वारा गोंड प्रधान पेंटिंग वर्कशॉप होगी। इस शिविर में क़रीब 40 प्रतिभागी शामिल होरहे हैं जिनमें भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर एवं दिल्ली के भी लोग हैं। शिविर का समापन 11 जून को होगा।








