सबकी खबर , पैनी नज़र

August 20, 2026 11:15 am

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बाजार विकास सहायता योजना से ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा, किसानों को मिल रही ₹1500 प्रति टन सब्सिडी : नड्डा

पर्वतीय राज्यों के लिए उर्वरक आपूर्ति और जैविक खेती को लेकर केंद्र सरकार गंभीर : सुरेश कश्यप

शिमला।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप द्वारा लोकसभा में हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं सब्सिडी के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया।
लोकसभा में प्रश्न संख्या 484 के अंतर्गत इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए सुरेश कश्यप ने केंद्र सरकार से यह जानना चाहा कि पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला, भंडारण एवं परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु क्या विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सदन में उत्तर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बाजार विकास सहायता (MDA) योजना के माध्यम से जैविक एवं प्राकृतिक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (FOM), लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (LFOM) तथा अन्य जैविक उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता में सुधार हो रहा है।
नड्डा ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत ₹1500 प्रति मीट्रिक टन की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है। साथ ही गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज (GOBAR-DHAN) पहल के अंतर्गत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है और देशभर में लगभग 133 संयंत्र पंजीकृत हो चुके हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में अभी तक इस प्रकार का कोई संयंत्र पंजीकृत नहीं हुआ है, लेकिन यदि राज्य में पहल की जाती है तो केंद्र सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
सुरेश कश्यप ने मंत्री के उत्तर पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पर्वतीय राज्यों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जैविक उर्वरकों के उपयोग से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं दीर्घकालिक कृषि विकास को भी बल मिलेगा।
उन्होंने यह भी पूछा कि रासायनिक उर्वरकों के मुकाबले जैविक उर्वरकों के उपयोग से आयात में कितनी कमी आएगी और भविष्य में इसके क्या लाभ होंगे। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता के माध्यम से जैविक खेती की ओर प्रेरित कर रही है, जिससे धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो रही है।
कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।