???????? आज भारतीय नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 31 भाद्रपद 1945
???????? आज पोप ग्रेगोरियन के अनुसार अंग्रेजी दिनांक 22 सितंबर 2023
???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, बैंक cash counter पर, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र,विद्यालय के प्रवेश पत्र ब निष्कासन पत्र पर
अंग्रेजी में लिखना हो तब INC 31 BHDR 1945 हिंदी में लिखना हो तब
राष्ट्रीय सौर 31 भाद्र 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 31 भाद्रपद ( नभस्य) 1945 (5125)
???? भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर के निर्माता अंतरिक्ष वैज्ञानिक मेघनाथ साहा
???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125 (वैदिक मासे नभस्य मासे) दिनांक भाद्रपद 31 भाद्रपद शुक्ल सप्तमयां तिथौ गुरु वासरे ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजा अहम् करिष्यामी
???????? राष्ट्रीय संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125
???? संवत्सर पिंगल
???? दक्षिणायन
???? ऋतु शरद
???? वेदों के अनुसार नभस्य मास है
???? ऋतुओं के अनुसार भाद्रपद मास यही भारतीय संवैधानिक राष्ट्रीय महीना है
???? चन्द्रमा के अनुसार मास भाद्रपद पक्ष शुक्ल
???? तिथि सप्तमी दोपहर 1:35 तक तदुपरांत अष्टमी
???? वार शुक्र वार
???? नक्षत्र ज्येष्ठा शाम 3:33 तक तदुपरांत मूला
???? दिनमान 30 घटी 05 पल (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 6:13 सूर्य अस्त 6:14 कल दिन रात बराबर होंगे, दक्षिण संपत आरंभ, दैत्य्या दिन उदय, देव संध्या, अंतरिक्ष विज्ञान खगोलीय घटना के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय आश्विन महीना भी आरंभ होगा
???? कन्या राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 06
???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दूध या दही खा कर घर से निकलें) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:49 to 12:38
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 10:42 am से 12:13 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।
???????? जेठा रविवार भारतीय राष्ट्रीय दिनांक ब प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार 24 सितंबर???? सूर्य षष्ठी व्रत, महालक्ष्मी व्रत आरंभ 21 सितंबर गुरुवार
???? अष्टमी व्रत, महालक्ष्मी व्रत पूर्ण, श्री राधा अष्टमी व्रत उत्सव, महर्षि दाधीच जयंती 23 सितंबर शनिवार
???? जल झूलनी एकादशी व्रत 25 सितंबर सोमवार
???? प्रदोष व्रत, पर्यटन दिवस 27 सितंबर बुधवार
???? सत्यनारायण व्रत अनंत चतुर्दशी गणेश विसर्जन 28 सितंबर गुरुवार
???? पूर्णिमा, पूर्णिमा श्राद्ध, 29 सितंबर शुक्रवार
???? गंडमूल 21 सितंबर शाम 3:34 से 23 सितंबर दोपहर 2:55 तक
???? पंचक 26 सितंबर रात्रि 8:25 से 30 सितंबर रात्रि 9:07 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 24 सितंबर दोपहर 1:41 से 25 सितंबर प्रातः 6:14 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 25 सितंबर दोपहर 11:54 से 26 सितंबर प्रातः 6:15 तक
???? अमृत सिद्धि योग 29 सितंबर रात्रि 11:17 से 30 सितंबर प्रातः 6:17 तक
???? द्विपुष्कर योग 26 सितंबर प्रातः 9:40 am से 27 सितंबर 1:45 am तक
???? त्रिपुष्कर योग 21 अक्टूबर शाम 7:53 से रात्रि 9:53 तक
???? ज्वालामुखी योग 9 अक्टूबर रात्रि 2:44 am से दोपहर 12:36 pm तक (इसमें कभी भी कोई कार्य सफल नहीं होता)








