???????? ???????? आज भारतीय नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 18 चैत्र 1946
???????? आज पोप ग्रेगोरियन के अनुसार अंग्रेजी दिनांक 07 अप्रैल 2024
???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, बैंक cash counter पर, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र,विद्यालय के प्रवेश पत्र ब निष्कासन पत्र पर
अंग्रेजी में लिखना हो तब INC 18 CHIR 1946
हिंदी में लिखना हो तब
राष्ट्रीय सौर 18 चैत्र 1946 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 18 चैत्र (मधु)1946 (5126)
???????? प्राचीन भारतीय नव वर्ष एक चैत्र अर्थात 21 मार्च अथवा वसंत संपात् से होता है।चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से चांद्र नव वर्ष एक अच्छा मुहूर्त हो सकता है, व्यवहारिक लेनदेन में चांद्र वर्ष उपयुक्त नहीं है क्योंकि चांद्र वर्ष 354 दिन 10 घंटे का होता है और हमें व्यावहारिक लेनदेन में एक वर्ष 365 दिन 6 घंटे का चाहिए,,,,, पूजा पाठ ब अच्छे मुहूर्त के लिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अच्छा है परंतु इसे नव वर्ष के रूप में मानना भविष्य और भूतकाल के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हैं। कृपया इसमें सुधार करना चाहिए,,,,
???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं। वे संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम् विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वाराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत् 5126, वैदिक मासे मधु मासे, राष्ट्रीय दिनांक 18 चैत्र , चैत्र कृष्ण त्रयोदशयाम्/चतुर्दशयाम तिथौ, रवि वासरे, …. दिल्ली … नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजनम् अहम् करिष्यामी
???????? राष्ट्रीय संवत् (सन्)1946
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5126
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125
???? संवत्सर पिंगल
???? उत्तरायण
???? ऋतु वसन्त
???? वेदों के अनुसार मधु मास है
???? ऋतुओं, भौगोलिक, ब अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार चैत्र मास यही भारतीय संवैधानिक राष्ट्रीय महीना है
???? चन्द्रमा के अनुसार मास चैत्र पक्ष कृष्ण
???? तिथि त्रयोदशी प्रातः 6:53 तक तदुपरांत चतुर्दशी (इस बार चतुर्दशी तिथि क्षय है)
???? वार रवि वार
???? नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद दोपहर 12:57 तक तद् उपरांत उत्तरा भाद्रपद
???? दिनमान 31 घटी 12 पल (एक दिन रात 60 घटी / 24 घंटे का होता है)
???? सूर्योदय 6:08 सूर्यास्त 6: 37
???? मीन राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 25
???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो पान या घी खा कर घर से निकलें) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 to 12:48
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 05:07 pm से 06:42 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।
???? मासिक शिवरात्रि 7 अप्रैल रविवार
???? सोमवती अमावस्या, जल संसाधन दिवस, चांद्र वर्ष समाप्त 8 अप्रैल सोमवार
???? चैत्र नवरात्र आरंभ, कलश स्थापन, ध्वजारोहण 9 अप्रैल मंगलवार
???? दुर्गा अष्टमी 16 अप्रैल मंगलवार
???? श्री राम नवमी 17 अप्रैल बुधवार
???? चैत्र पूर्णिमा, श्री हनुमान जयंती 23 अप्रैल मंगलवार
???? गण्डमूल 8 अप्रैल प्रातः 10:12 से 10 अप्रैल प्रातः 5:05 तक
???? पंचक 5 अप्रैल प्रातः 7:09 से 9 अप्रैल प्रातः 7:32 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 7 अप्रैल दोपहर 1:00 बजे से 8 अप्रैल प्रातः 6:07 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 9 अप्रैल प्रातः 7:31 से 10 अप्रैल प्रातः 5:05 तक
???? अमृत सिद्धि योग 9 अप्रैल प्रातः 7:31 से 10 अप्रैल प्रातः 5:05 तक
???? द्विपुष्कर योग 20 मई प्रातः 3:15 से 19 मई प्रातः 5:32 तक
???? त्रिपुष्कर योग 15 अप्रैल रात्रि 1:34 am से 15 अप्रैल प्रातः 6:00 am बजे तक
???? ज्वालामुखी योग 17 अप्रैल दोपहर 3:14 से 18 अप्रैल प्रातः 7:56 तक (इसमें कभी भी कोई कार्य सफल नहीं होता)







