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March 28, 2026 10:50 pm

भारती कुठियाला ने राज्यपाल को ‘गेयटी के रंगचर’ पुस्तक भेंट की

शिमला 14 अगस्त 2023: हर्ष  का विषय  है कि  माननीय राज्यपाल  श्री  शिव  प्रताप शुक्ल जी से आज    शिमला शहर के नामचीन  रंगकर्मियों  ने मुलाकात की और  ‘गेयटी के रंगचर ‘पुस्तक  भेंट  की।
      इस पुस्तक का सम्पादन  फिल्म प्रमाणन बोर्ड  सदस्या एवं हिमसिने सोसाइटी एक सोच  की उपाध्यक्ष  भारती कुठियाला  ने किया है।  इस मौके  पर  वरिष्ठ  रंगकर्मी  जवाहर कौल, आरती गुप्ता  पूर्व  निदेशक  लोक  संपर्क  एवं  जनसंचार  विभाग ,  रंगकर्मी  एवं  रंगचर श्री  देवेन्द्र शर्मा  भी उपस्थित  रहे।
   राज्यपाल  महोदय  को   गेयटी  थियेटर  रेपटरी  के नाटकों   की गतिविधियों   के बारे अवगत करवाया  गया। अभी  हाल ही में   गेयटी  थियेटर  रेपटरी  द्वारा   सक्रियता  से नाटकों  का मंचन  हो रहा है जिसके  अन्तर्गत 11  नाटक  खेले गये हैं।
     ‘ गेयटी  के रंगचर’  पुस्तक   पर बात करते हुए  भारती कुठियाला  ने बताया  कि  शिमला  शहर की ऐतिहासिक धरोहरों  में  गेयटी थियेटर  का अद्वितीय स्थान है।  पूरे विश्व  में  केवल  छह गौथिक शैली  में  बने थियेटर  हैं। ‘गेयटी के रंगचर’ पुस्तक  गेयटी  थियेटर  की ऐतिहासिक  यात्रा  का दस्तावेज़ है।
  इस पुस्तक के तीन  भाग  हैं। पहला भाग  सम्पादकीय  टिप्पणी और गेयटी थियेटर की आरंभिक यात्रा  को दर्शाता  है। इस में  श्रीयुत  श्रीनिवास जोशी  के आलेख  शिमला शहर के रंगकर्म  की आरम्भिक यात्रा   पर आधारित  है। दूसरे  भाग  में  गेयटी थियेटर  के रंगचरों के संस्मरणात्मक आलेख हैं।  इस पुस्तक  में  नेशनल  स्कूल ऑफ ड्रामा  से स्नातक  रंगकर्मी  सुश्री अमला राय,  हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित  होने  जा रहे केहर सिंह  ठाकुर,  संगीत  नाटक  अकादमी  द्वारा  पुरस्कृत  श्री  केदार सिंह,  श्री  संजय सूद सुश्री  दक्षा ठाकुर  के आलेख  शामिल  किये गये  हैं। तीसरे भाग में  रंगमंच विधा  से सम्बंधित जैसे  लाईट, साउंड,  स्टेज़ क्राफ्ट,  मंच सज्जा,  अभिनय की बारीकियों पर, श्री  अजय  शर्मा , संजय  सूद,   और अन्य रंगशिल्प  से जुड़े विद्वानों के लेख  हैं। अतः  पुस्तक  में  इस विधा के  अन्य पहलुओं का निरीक्षण  परिक्षण  किया  गया है।

मुलाकात के दौरान  चर्चा  कर   सभी रंगकर्मियों  ने ज़ोर देखकर कहा कि नयी  शिक्षा  नीति  के अन्तर्गत   नाटक  विषय  स्कूलों  में  पढ़ाया जाना तय किया गया है, अतः इस बात को ध्यान  में  रखते हुए  हिमाचल प्रदेश में  ड्रामा  विषय  में  एम ए आरम्भ  किया जाना  बहुत  आवश्यक  है ताकि  ट्रेड ड्रामा टीचर  इस विभाग  से पढ़ कर निकलें और रंगकला को बढ़ावा मिले।