सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

March 14, 2026 11:19 am

बेबस रोगियों के लिए संकटमोचक बनी सेवा भारती

शिमला में इस वर्ष 8 हजार से अधिक मरीजों की सहायता

    शिमला, 22 दिसंबर। प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए शिमला आने वाले मरीजों की उम्मीद की किरण बन गई है सेवा भारती। दुर्घटना में घायल लोगों, बेसहारा रोगियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए इस संस्था के स्वयंसेवी किसी संकटमोचक से कम नहीं हैं। समाज के सहयोग से उन्हें दवाएं, रक्त, जीवन रक्षक उपकरण, व्हीलचेयर, बिस्तर और कम्बल आदि उपलब्ध कराए जाते हैं।

    सेवा भारती शिमला के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के अनुसार पिछले अनेक वर्षों से शिमला के अस्पतालों में हजारों रोगियों की सेवा और जीवन रक्षा में अहम भूमिका निभा चुकी किस संस्था के लिए वर्ष 2024 उपलब्धियों से भरा रहा। उनके अनुसार इस वर्ष आईजीएमसी और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में 8500 से अधिक रोगियों की सहायता की गई। जरूरतमंद मरीजों को 1188 यूनिट रक्त भी उपलब्ध कराया गया।

    इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित सेवा भारती इकाई के सचिव नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2024 में मरीज़ों को 26 ऑक्सीजन मशीनें, 433 व्हीलचेयर, 13 अल्फाबेड, 1954 कंबल और 14 बैसाखियां उपलब्ध कराई गईं।

    इसके अतिरिक्त 1702 गरीब रोगियों के दवा इलाज के बिल भरे गए। सेवा भारती पूछताछ केंद्र से 3000 से ज्यादा लोगों का मार्गदर्शन किया गया। शहर में 17 रोगियों को मासिक दवाएं उनके घर पर निशुल्क पहुंचाई गईं जो शारीरिक और आर्थिक कारणों से दुकान तक जाकर दवा खरीदने में असमर्थ हैं।

    सेवा भारती की ओर से आईजीएमसी में प्रकल्प प्रमुख डॉ. दिनेश चौहान हर इमरजेंसी में तथा रात में मरीजों की सहायता करते हैं। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक दो वालंटियर- दीक्षा और पिंकी रोगियों की सहायता में व्यस्त रहती हैं।

    आईजीएमसी अस्पताल में सेवा भारती का काउंटर दिन भर रोगियों की सेवा में लगा रहता है। दूर दराज के मरीज वहां जानकारी लेने, और सहायता मांगने आते हैं। इनमें वे रोगी अधिक होते हैं जिनके साथ कोई अटेंडेंट नहीं होता अथवा कम शिक्षित ग्रामीण होने के कारण उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है।

    एक दिलचस्प बात यह भी है कि आईजीएमसी अस्पताल में बच्चों के वार्ड में सेवा भारती की ओर से ‘तिलक झोला पुस्तकालय’ भी चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों और उनके तीमारदारों को रोज दो से तीन बजे तक पढ़ने के लिए पुस्तक दी जाती हैं ताकि वे व्यस्त रह सकें।

    नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि कोई भी जरूरतमंद मरीज किसी भी कार्य दिवस में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आईजीएमसी में सेवा भारती के नंबर 94591-53035 पर फोन कर के सहायता के लिए अनुरोध कर सकता है।