केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से किया अभियान का शुभारंभ
हरियाणा के लिए मुख्यमंत्री जल संचय योजना का भी हुआ शुभारंभ
जिला महेंद्रगढ़ के गांवों में जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यों का किया उद्घाटन
फिरोजुपर झिरका के 52 गांवों व 5 ढाणियों में रैनीवेल आधारित परियोजनाओं का उ्दघाटन
चंडीगढ़ (पवन चोपड़ा)-
विश्व जल दिवस पर हरियाणा ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना जब जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में जिला पंचकूला से राष्ट्रव्यापी अभियान जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 की शुरुआत हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श नायब सिंह सैनी ने जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 का विधिवत शुभारंभ किया। इसके अलावा, जल संरक्षण, जलापूर्ति योजनाओं व स्वच्छता अभियान के तहत कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी भी उपस्थित रही।
जिला पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जल संरक्षण हेतु हरियाणा के लिए मुख्यमंत्री जल संचय योजना का शुभारंभ किया। इसके अलावा, जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 के अंतर्गत जल-जंगल-जनः एक प्राकृतिक बंधन अभियान, जल संसाधन एट्लस- 2025, एकीकृत जल संसाधन कार्य योजना 2025-27, ऑनलाइन कैनाल वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम, बेहतरीन कार्य प्रणाली जेएसए-सीटीआर का भी शुभारंभ किया गया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 के तहत हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के गांव मंडोला, दुलोठ, बदोपुर, खेड़ी, धोखेड़ा में जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यों का उद्घाटन किया। इसके अलावा, जिला महेंद्रगढ़ के 400 कृत्रिम भू जल पुनर्भरण संरचनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, जिला यमुनानगर के गाँव देवधर व बेगमपुर, जिला कैथल के गाँव जुलानी खेडा, जिला भिवानी के गाँव पहाड़ी, जिला महेंद्रगढ़ के गाँव अकोली एवं गाँव मंद्लाना में सौर शक्ति एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया गया। साथ ही, फिरोजपुर झिरका के 52 गांवों व 5 ढाणियों में जल वितरण में बढ़ोतरी के लिए रैनीवेल आधारित परियोजनाओं तथा पटौदी विधानसभा क्षेत्र के 24 गांवों व 9 ढाणियों में जल बढ़ोतरी के लिए नहर आधारित परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पंचकूला में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 9 शेड्स, 103 सोखता गड्ढे तथा 21 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का भी उद्घाटन किया।
जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जल योद्धाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जल योद्धाओं को सम्मानित किया गया। प्रगतिशील किसान श्रेणी के तहत श्री राजकुमार मेहरा, कुरूक्षेत्र से प्राकृतिक खेती के लिए, कुशाल नेहरा, गांव सुखपुरा, यमुनानगर से फसल विविधीकरण और विकास चौधरी को तरावड़ी, करनाल से डीएसआर तकनीक के उपयोग के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह जल संरक्षण में सर्वश्रेष्ठ सरपंच के लिए भारती, पखाल, फरीदाबाद को ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए, रतनपाल सिंह, निरपुर राजपूत, नारनौल को तालाब के जीर्णोद्धार के लिए तथा श्री जसमेर सिंह, सुल्तानपुर, करनाल को वर्षा जल संचयन प्रणाली के लिए सम्मानित किया गया।
इसी कड़ी में अटल भूजल योजना के तहत बेस्ट भू-जल सहेली के लिए रचना रामधारी, ब्रिर्थे बिहारी, कैथल को, सुमन, बैरान भिवानी को तथा गुरप्रीत कौर, जगमलेरा सिरसा को सम्मानित किया गया।
इसी तरह, सर्वश्रेष्ठ महिला स्वयं सहायता समूह श्रेणी के तहत पुष्पा, धौरंग, यमुनानगर, काजल शर्मा, मोरनी पंचकूला को जल भंडारण के लिए तथा सरिता देवी, नयी बस्ती नलवी, कुरूक्षेत्र को जल संरक्षण के बारे में जागरूकता के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, जल संरक्षण के लिए सर्वोत्तम ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियाँ श्रेणी के तहत, लाभ सिंह संरपच, जंबा, कैथल को, प्रवेश कुमार, चेयरमैन, कल्याणा कुरूक्षेत्र को तथा विक्रमजीत कौर, चैयरपर्सन नीलोखेड़ी करनाल को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ के लिए पंचराम, टपरियां पचंकूला को कुहल आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए, सचिन वालिया, प्रताप नगर यमुनानगर को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली हेतु नहरी पानी को बढ़ावा देना के लिए तथा जितेंद्र, फरपुर माईनर कुरूक्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली हेतु नहरी पानी को बढ़ावा देना के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह, सर्वश्रेष्ठ एनजीओ के लिए सुभी केसरवानी, गुरूजल एनजीओ को भूजल पुनर्भरण और मीठे पानी की झीलों के जीर्णोद्धार को बढ़ावा देने तथा डॉ कृष्णा कुमारी आर्या, मिशन महेंद्रगढ अपना जल (एमएमएजे) को पीने के पानी की समस्या में सुधार लाने के लिए सम्मानित किया गया।
विश्व जल दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नागरिकों से आह्वान, पानी की एक एक बूंद बचाएं और ‘जल मित्र’ बनकर जलशक्ति अभियानः कैच द रेन 2025 को सफल बनाएं
जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा जलशक्ति अभियानः कैच द रेन 2025
राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत हरियाणा से करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री का जताया आभार
नीति, नीयत, और नेतृत्व सही हो तो समाज में परिवर्तन आता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को सच करके दिखाया – नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़,( पवन चोपड़ा)
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर आह्वान किया कि सभी हरियाणावासी मिलकर ये संकल्प लें कि पानी की एक एक बूंद बचाएंगे और दुरुपयोग नहीं होने देंगे। ‘जल मित्र’ बनकर जलशक्ति अभियानः कैच द रेन 2025 को सफल बनाएंगे।
मुख्यमंत्री आज जिला पंचकूला के ताऊ देवीलाल में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल द्वारा जल शक्ति अभियानः कैच द रेन 2025 के शुभारंभ करने उपरांत बोल रहे थे। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी भी उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां से जो अभियान शुरू हो रहा है, वह जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोगों की और से विश्वास दिलाया कि हरियाणा जल संरक्षण की इस मुहिम को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र धरा पर पधारने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जल शक्ति अभियानः कैच द रेन 2025 की शुरुआत हरियाणा से करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जब मुझे इस कार्यक्रम में आने का समाचार मिला तो मुझे एक मुख्यमंत्री के नाते ही नहीं बल्कि हरियाणा प्रदेश के नागरिक के रूप में भी खुशी हुई कि मैं जल संरक्षण के इस अभियान का हिस्सा बन रहा हूं।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एक अभियान, एक आंदोलन, एक क्रांति है। आज जल संचय के जिस उद्देश्य के लिए अभियान की शुरुआत हुई है, यह केवल सरकार की एक योजना का कार्य नहीं है बल्कि यह हमारी आज और आने वाली पीढ़ी के कल के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
नीति, नीयत, और नेतृत्व सही हो तो समाज में परिवर्तन आता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को सच करके दिखाया
नायब सैनी ने कहा कि अगर नीति, नीयत, और नेतृत्व सही हो तो समाज में भी परिवर्तन आता है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को सच करके दिखाया है। उन्होंने जिस प्रकार से सामाजिक मुद्दों को उठाया, लोगों की चिंता की है, उसी का परिणाम है कि आज देश में स्वच्छता, स्वास्थ्य, बेटियों को बचाने के लिए सामाजिक चेतना या जल संरक्षण की बात हो। यह सब आज एक अभियान बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए 9 संकल्प रखे हैं। इनमें जल संरक्षण पहला संकल्प है और इसे पूरा करना इसलिए भी अधिक जरूरी है कि भारत में दुनिया के कुल फ्रेश वॉटर का केवल 4 प्रतिशत ही है, जबकि यहां विश्व की 18 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। वैज्ञानिक भी बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय रहते जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाएंगे, तो आने वाला समय बड़ा चुनौतीपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान न केवल हमारी वर्तमान पीढ़ी के लिए, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए भी बहुत महत्व रखता है। यदि वर्तमान में जल का संचय करेंगे, संरक्षण करेंगे और सदुपयोग करेंगे, तभी भावी पीढ़ी को जल संसाधन सौंप सकेंगे। इस अभियान का संदेश जल संरक्षण और जल संचयन में जन-भागीदारी और जन-जागरूकता बढ़ाना है।
हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण के लिए शुरू की कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अपने बहुत ज्यादा जल स्रोत नहीं है। हम पानी के लिए अन्य राज्यों या भूजल पर निर्भर हैं। दोनों ही जल स्त्रोतों की अपनी सीमाएं है। लेकिन एक तीसरा स्रोत भी है, वर्षा के जल को बचाना, उसे संभालना और सहेजना। हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। कृषि क्षेत्र, उद्योग, आवास आदि हर क्षेत्र में जल संरक्षण के उपाय किये हैं। किसानों को कम पानी की खपत वाली फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना चलाई जा रही है। इसके तहत धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर वित्तीय सहायता दी जाती है। पहले यह सहायता 7 हजार रुपये प्रति एकड़ थी, बजट में इसे बढ़ाकर 8 हजार रुपये प्रति एकड़ किया है।
इसके अलावा, पानी की एक-एक बूंद-बूंद का सदुपयोग करने के लिए भूमिगत पाइप-लाइन बिछाकर टपका सिंचाई व फव्वारा सिंचाई जैसी तकनीकों के माध्यम से कम से कम पानी में अधिकतम सिंचाई की जा रही है। प्रधानमंत्री पर ड्रोप-मोर क्रोप की अवधारणा के तहत सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों पर 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
अमृत सरोवर मिशन के तहत 2215 तालाबों का किया जीर्णोद्धार
नायब सैनी ने कहा कि एस.टी.पी. से उपचारित जल का सिंचाई, उद्योगों और शहरी क्षेत्रों में गैर-पेयजल आवश्यकताओं के लिए प्रयोग किया जा रहा है। तालाबों के जीर्णोद्धार एवं कायाकल्प के साथ गन्दे पानी के उपचार एवं प्रबंधन के उद्देश्य से अमृत सरोवर मिशन के तहत 2215 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। राज्य सरकार वर्षा जल संचय के लिए किसानों को अपने खेतों में तालाब बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और तालाब के निर्माण पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। प्रदेश में 68 हजार से अधिक जल संरक्षण और वर्षा जल संचय ढांचे बनाये गए हैं।
पानी को पानी बचाने के लिए रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल की नीति को अपनाना होगा- श्रुति चौधरी
इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि पानी को पानी बचाने के लिए आज हमें रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल की नीति को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत किसानों को धान के स्थाजन पर वैकल्पिक फसलों की खेती करने के लिए 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस बजट में इस राशि को बढ़ाकर 8 हजार रुपये प्रति एकड़ किया है। इसके अलावा डीएसआर तकनीक से धान की बुआई पर भी 4500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से लोगों को यह पता लगेगा कि नहर में कितना पानी है और कब रोटेशन में पानी की आपूर्ति होगी।
हरियाणा के लिए ये केवल एक अभियान नहीं, बल्कि लाइफ लाइन है- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा के लिए ये केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी लाइफ लाइन है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औसत वर्षा की मात्रा लगातार घटती जा रही है। प्रदेश के पानी के दो ही मुख्य स्रोत हैं, सतलुज रावी व्यास और यमुना। इन दोनों ही सिस्टम्स में पानी की उपलब्धता पिछले 40-50 वर्षों में निरंतर गिरी है, जो चिंता का विषय है, जिसकी वजह से जितना पानी पहले उपलब्ध होता था, उतना आज नहीं हो रहा। इसके अलावा, प्रदेश में भू जल स्तर भी निरंतर नीचे जा रहा है। 143 खंडों में से 88 खंड आज डार्क ज़ोन में आते हैं। लेकिन हरियाणा सरकार ने अपने तालाबों का एटलस तैयार किया है और वाटर रिसोर्सिस का सर्वे किया है। सरकार दक्षिण हरियाणा तक पानी पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी गत दिनों वित्त मंत्री के रूप में बजट अभिभाषण में मुख्यमंत्री जल संचय योजना का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वाटर रिचार्जिंग के लिए अनेक प्रयास किए हैं। नदियों के बैड्स में पानी डाला जा रहा है। वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बना रहे हैं, लेकिन फिर भी हमें अभी बहुत कुछ करना है। मुझे उम्मीद है कि इस तरीके के कार्यक्रम से हम जल संचय करने में न सिर्फ अपना योगदान दे पाएंगे बल्कि प्रदेश की आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए पानी को बचाकर रख सकेंगे।
हरियाणा ने जल संरक्षण और प्रबंधन में देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण किया प्रस्तुत – अशोक मीणा
जल शक्ति मंत्रालय के सचिव अशोक मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा ने जल संरक्षण और प्रबंधन में पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पानी की कमी से निपटने के लिए सामुदायिक पहल और नवीन समाधान अपनाकर हरियाणा न केवल अपनी जल स्थिति को सुधार रहा है, बल्कि जल संकट से जूझ रहे अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रकाश स्तंभ बन गया है। यह अभियान जल संरक्षण और वन संरक्षण को मजबूत करने का सतत प्रयास है। इस वर्ष जल शक्ति अभियान को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ साझेदारी में आगे बढ़ाया जा रहा है, जो जल, जंगल, जन एक प्रकार का प्राकृतिक बंधन अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और वन संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने पर बल देगा। जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2025 को जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के साथ समेकित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे जल सुरक्षा और स्वच्छता के प्रयास को एकीकृत किया जा सके।
कार्यक्रम में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्षा केशनी आनंद अरोड़ा, सांसद कार्तिकेय शर्मा, कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ोली, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हरियाणा को मिलेगा उसके हिस्से का पानी, संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ की जाएगी बैठक– केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
हरियाणा को पानी की कमी से निजात दिलाने के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर संकल्पबद्ध तरीके से करेंगे काम
जल संरक्षण के लिए जन-जन में जागृति लाने हेतु मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य बजट-2025-26 में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई – सी आर पाटिल
चंडीगढ़, 22 मार्च – केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल ने कहा कि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाने के लिए अंतरराज्यीय मुद्दों को हल करने हेतु आने वाले दिनों में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की जाएगी। समस्याओं के हल होने से हरियाणा को उसके हक का पानी मिलेगा।
श्री सी आर पाटिल आज जिला पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रव्यापी अभियान जल शक्ति अभियान कैच द रेन-2025 के शुभारंभ के उपरांत संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहली बार इस कार्यक्रम को दिल्ली से बाहर मनाने के लिए कार्यक्रम के आयोजन के लिए जब हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से पूछा गया तो उन्होंने तुरंत हाँ कर दी, क्योंकि वे जल का महत्व जानते हैं। जल संरक्षण और जल संचय के लिए जन-जन में जागृति आए, इसके लिए श्री नायब सिंह सैनी ने अपने राज्य बजट-2025-26 में भी बहुत से कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई है।
हरियाणा को पानी की कमी से निजात दिलाने के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर संकल्पबद्ध तरीके से करेंगे काम
श्री सी आर पाटिल ने कहा कि हरियाणा प्रगतिशील राज्य है, जो पानी की आपूर्ति के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है। यहां बारिश भी कम होती है, ऐसे राज्य में आने वाले दिनों में पानी कमी न हो, इसकी चिंता सरकार के साथ-साथ नागरिकों को भी करने की आवश्यकता है। इसलिए जनभागीदारी के साथ-साथ केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर राज्य को पानी की कमी की समस्या से निजात दिलाने के लिए संकल्पबद्ध तरीके से काम करेंगे।
जल संचय की दिशा में बढ़ना समय की आवश्यकता
श्री सी आर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जल संचय-जनभागीदारी को जन आन्दोलन में परिवर्तित करने की बात कही थी और आज का यह कार्यक्रम उसी का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि जल से हम सब कुछ बना सकते हैं। आज समय में जरूरत है जल को बचाने की, क्योंकि जल को बनाया नहीं जा सकता। जल वह पहला मापदंड होगा जिसके आधार पर आने वाली पीढ़ियां हमारा मूल्यांकन करेंगी। हमें देश में भविष्य के लिए जल संरक्षण को सुरक्षित करने के लिए अलग अलग प्रयोग करते हुए विभिन्न योजनाएं बनाकर जल संचय में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में एक वर्चुअल मीटिंग में कहा था कि जल संचय जन भागीदारी को जन आंदोलन में परिवर्तित करो और जो व्यापारी वर्ग है, जो अप्रवासी व्यापारी हैं वे अपनी कर्मभूमि से अपनी मातृभूमि के लिए योगदान करें। इस दिशा में हरियाणा के जो व्यापारी सूरत में हैं, उनसे बात हुई है और वे आने वाले दिनों में अपनी ओर से पैसा खर्च करके हरियाणा के गांवों में जल संवर्धन और जल संरक्षण के लिए काम करेंगे।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण लगातार बढ़ रही पानी की कमी की समस्या में कमी आई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में 25 लाख महिलाओं को उनके गांव, उनके घर में आने वाले पानी के गुणवत्ता की जांच करने के लिए ट्रेनिंग दी गई और उन्हें किट भी दी गई। जबकि कांग्रेस के 70 साल में कभी किसी को ट्रेनिंग देने की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि सरकार की ओर से कभी किसी के घर में पानी ही नहीं दिया गया। महिलाएं दूर से पानी लाती थी और वह पानी पीने लायक भी नहीं होता था। पानी की गुणवत्ता की चिंता करना उनके लिए संभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत नल से जल योजना के तहत प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जो जमीन में पानी है उसे पूरा प्रयोग कर लिया जाएगा तो आने वाली पीढ़ी के लिए पानी नहीं बचेगा, इसलिए बारिश के पानी का संचय करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में होना चाहिए। इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय ने अलग अलग डिजाइन बनाये हैं। इन पर हरियाणा में भी काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव श्री अशोक मीणा, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्षा श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल बड़ोली, पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






