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जड़ी-बूटियों और विशेष रूप से हींग (Ferula assa-foetida) की खेती का निरीक्षण

सी.एस.आई.आर.-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IHBT), पालमपुर के वैज्ञानिकों और संस्थान के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने लाहौल-स्पीति जिले के गांव सल्ग्रान का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रगतिशील किसान श्री तोग़ चंद ठाकुर द्वारा उगाई गई जड़ी-बूटियों और विशेष रूप से हींग (Ferula assa-foetida) की खेती का निरीक्षण करना था।
ज्ञात हो कि हींग भारत में एक अत्यंत उपयोगी मसाला है, जिसकी आपूर्ति अब तक पूरी तरह आयात पर निर्भर थी। लेकिन तोग़ चंद ठाकुर देश के पहले किसान बन गए हैं जिन्होंने सी.एस.आई.आर.-आईएचबीटी द्वारा विकसित हींग के पौधों को सफलतापूर्वक उगाया और उससे बीज उत्पादन भी किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव और उनकी टीम ने खेतों का निरीक्षण कर उनकी मेहनत, तकनीकी समझ और समर्पण की सराहना की। टीम ने तोग़ चंद ठाकुर को विशेष रूप से सम्मानित किया और इस उपलब्धि को देश के लिए एक महत्वपूर्ण बताया अब तक भारत हर साल करोड़ों रुपये की हींग विदेशों से आयात करता था। मगर तोग़ चंद ठाकुर की यह सफलता देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। उनके इस कार्य ने न केवल सल्ग्रान गांव बल्कि लाहौल-स्पीति, हिमाचल प्रदेश, और समूचे भारत का मान बढ़ाया है।