[नाटक का मंचन 31 दिसम्बर Gaiety थिएटर शिमला में हुआ, 2 जनवरी को 5.30 बजे साये फिर से देख सकते हैं]
हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक निर्मल वर्मा द्वारा रचित एकांकी ‘डेढ़ इंच ऊपर’ आधुनिक हिंदी रंगमंच की एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक कृति है। यह नाटक दर्शकों को बाहरी घटनाओं से अधिक मनुष्य के भीतरी संसार—उसकी स्मृतियों, चुप्पियों और आत्मसंघर्ष—की गहन यात्रा पर ले जाता है

नाटक की पृष्ठभूमि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जर्मनी की है। पूरी कथा एक बार (Bar) के सीमित दायरे में घटित होती है, जहाँ एक बूढ़ा व्यक्ति बीयर पीते हुए किसी काल्पनिक श्रोता से संवाद करता है। इसी संवाद के दौरान उसके जीवन का सबसे बड़ा सत्य सामने आता है—उसकी पत्नी की गिरफ्तारी, गेस्टापो द्वारा उसे ले जाया जाना और यह पीड़ा कि अठारह वर्षों के साथ रहने के बावजूद वह अपनी पत्नी के उस गुप्त, साहसी जीवन से पूरी तरह अनजान रहा।
इस नाटक का केंद्रीय विषय अलगाव (Alienation) है—वह दूरी जो सबसे करीबी रिश्तों में भी अनजाने में बनी रहती है। नाटक में अस्तित्ववादी चेतना के माध्यम से अकेलेपन, अपराधबोध और जीवन की जटिल सच्चाइयों को अत्यंत संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
नाटक का शीर्षक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ एक गहरे प्रतीक के रूप में सामने आता है। यह उस मानसिक अवस्था को दर्शाता है जहाँ मनुष्य यथार्थ की कठोर ज़मीन से बचने के लिए उससे थोड़ा ऊपर तैरता रहता है। यह पति-पत्नी के बीच उस अदृश्य फासले का भी संकेत है, जो कभी पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
शिल्प की दृष्टि से यह नाटक ‘चेतना के प्रवाह’ (Stream of Consciousness) शैली का प्रभावशाली उदाहरण है। बाहरी क्रियाओं की तुलना में आंतरिक संवाद, स्मृतियाँ और भावनात्मक द्वंद्व इसकी आत्मा हैं। निर्मल वर्मा की काव्यात्मक और उदास भाषा युद्धोत्तर समाज की मानसिक टूटन को गहराई से उभारती है।
इस प्रस्तुति का निर्देशन एवं डिज़ाइन – नीरज कुमार द्वारा किया गया है।
मुख्य भूमिका में अभिनय – सुमित ठाकुर ने एकांत, अपराधबोध और स्मृतियों के बोझ को अत्यंत प्रभावी ढंग से मंच पर जीवंत किया है।
प्रकाश परिकल्पना – अशोक नेरवाल, संगीत – शंकी तथा मेक-अप – धीरज रघुवंशी ने नाटक के समग्र वातावरण को सशक्त रूप प्रदान किया है।
इस नाट्य प्रस्तुति के सफल आयोजन में अजय शर्मा, विकास गौतम, अनिल शर्मा, नरेश के. मिन्चा, शैलजा पाल, राकेश ‘लकी’ बिलासपुरिया सहित अनेक रंगमित्रों का सहयोग प्राप्त हुआ, जिनके सामूहिक प्रयास से यह प्रस्तुति संभव हो सकी।
उल्लेखनीय है कि ‘डेढ़ इंच ऊपर’ का मंचन 2 जनवरी को शिमला स्थित ऐतिहासिक Gaiety Theatre में होगा ।
‘डेढ़ इंच ऊपर’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो मंच से उतरने के बाद भी लंबे समय तक दर्शकों के भीतर जीवित रहता है।






