केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के तत्वाधान में 10 दिवसीय शॉर्ट कोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम “कान्वेंशनल एण्ड मौलिक्यूलर टूल्स फॉर क्रॉप इम्प्रूवमेन्ट, प्रोटेक्शन, प्रोडक्शन एण्ड पोस्ट हार्वेस्ट मेनेजमेंट ऑफ हार्टिकल्चरल क्रॉपस” विषय पर 11 फरवरी, 2026 को सम्पन्न हुआ जिसके समापन के अवसर पर प्रशिक्षणार्थीयों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की महत्ता बताई इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के अन्य संस्थानों से 18 लोगों ने प्रतिभागिता की, उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम एक उच्च गुणवत्ता का कार्यक्रम था और इससे बढ़कर संस्थान के सभी वैज्ञानिकगणों में व्यक्तिगत से अधिक राष्ट्रीय लक्ष्य दिखाई दिया। उन्होंने अपने अनुभव में संस्थान के उत्कृष्ट संसाधनों, विशेषकर प्रशिक्षणार्थियों की बेहद विद्वतायुक्त दल की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने ना सिर्फ प्रशिक्षण का लाभ उठाया बल्कि उन्हें शिमला के कुफ़री फार्म पर चल रही वैज्ञानिक गतिविधियों व प्रयोगशाला में हैंड्स ऑन एक्सपिरीयन्स भी कराया गया। सभी प्रशिक्षुओं ने इस दौरान संस्थान के द्वारा दी गई खान पान, आवास इत्यादि के लिए संस्थान के निदेशक महोदय तथा इस प्रोग्राम के कोऑर्डिनटरस का दिल से धन्यवाद दिया। इस दौरान डॉ. सलेज सूद ने इस कार्यक्रम के दौरान हुई गतिविधियों से अवगत कराया। डॉ. विकास मंगल ने समापन समारोह में मंच संचालन किया और तथा डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने अपने धन्यवाद भाषण में सभी प्रशिक्षुओं का शिमला में आने के धन्यवाद दिया तथा इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी वैज्ञानिकों, तकनीकी तथा प्रशासनिक अधिकारियों, प्रशिक्षण कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन्स आदि का धन्यवाद किया। समापन के दौरान संस्थान के विभिन्न संभागों के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. जगदेव, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. सोमदत्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम की समापन पर डॉ. ब्रजेश सिंह, निदेशक महोदय ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया और आशा जताई कि वे इस प्रशिक्षण को प्रयोगशाला से खेतों तक लेकर जाएंगे।







