शिमला 25 मई, 2026, शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश का किया आग्रह
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कल देर सायं शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन उद्योग को विकसित करना वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में है तथा इसे बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए जिससे यहां आने वाले पर्यटक कम से कम 8-10 दिन तक ठहराव करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हाई एंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। इस वर्ष जून तक पालमपुर, हमीरपुर, धर्मशाला और चम्बा हेलीपोर्ट में हवाई सेवाएं आरम्भ कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए हवाई सेवाएं आरम्भ कर दी हैं। इससे एयर कनेक्टिविटी में सुधार आयेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शिमला में बड़े हेलीकॉप्टर की सेवाएं आरम्भ करने के बारे में भी अनुरोध किया है। परन्तु संजौली हेलीपोर्ट में हेलीकॉप्टर उतारने में दिक्कत आ रही है, इसलिए शिमला में ही अन्य स्थान पर भूमि का चयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सुरंग तथा रोपवे निर्माण पर भी बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला के अलावा धर्मशाला, मनाली तथा कसौली शहरों को भी नियोजित तरीके से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाया है। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 3500 करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है तथा इस वर्ष जून तक भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाएगा। इसके पश्चात् कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भुन्तर एयरपोर्ट के पास रहने वाले लोग जमीन दें तो सरकार इस एयरपोर्ट के विस्तार पर भी विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि कुल्लू, मनाली तथा लाहौल-स्पीति के लिए इस एयरपोर्ट से पर्यटकों की सुविधा के लिए जोगिन्द्रनगर से भूभूजोत टनल बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार टूरिज्म क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है तथा सरकार ने धर्मशाला के तपोवन में 5000 लोगों की क्षमता वाले 500 करोड़ रुपये के विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा कांगड़ा जिले में 600 करोड़ रुपये का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर भी स्थापित किया जा रहा है।ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष के दौरान नैना देवी, ज्वालाजी तथा चिंतपूर्णी शक्तिपीठों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि शिमला के आईस स्केटिंग रिंक के पास की जमीन का अधिग्रहण किया जाए ताकि यहां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर निर्मित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिमला के गौरवशाली वैभव को बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है तथा इसके सौंदर्यकरण के लिए शहर में अनेक परियोजनाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि बिजली तथा अन्य तारों को अंडरग्रांऊड यूटिलिटी डक्ट में बिछाया जा रहा है। शिमला के सर्कुलर रोड़ को चौड़ा करने के लिए सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं ताकि जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में टालैंड से आईजीएमसी तक 900 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग का निर्माण किया जाएगा। शिमला में पानी की समस्या को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने सतलुज नदी से सुन्नी के पास से पानी उठाने की शुरूआत की है।
उन्होंने कहा कि सरकार होटल, वेलनेस सेंटर, वे-साइड एमनिटीज के निर्माण पर 3000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और राज्य में स्पोर्टस टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार मनाली में रिवर फ्रंट बना रही है तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जीएसटी लगने के बाद प्रदेश सरकार को बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र से टैक्स के रूप में काफी नुक्सान हुआ है तथा केवल 150-200 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो रहे हैे, जबकि इससे पूर्व टैक्स के रूप में 4000 करोड़ रुपये मिलते थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र इसकी भरपाई के लिए अह्म भूमिका निभा सकता है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएं। सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल वालिया तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।










