सबकी खबर , पैनी नज़र

August 19, 2026 9:04 pm

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August 19, 2026 9:04 pm

फ़ीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थी परिषद का जोरदार प्रदर्शन- अभाविप

लगातार फ़ीस वृद्धि के खिलाफ नारों से गूंज रहा विश्वविद्यालय – अक्षय ठाकुर

एक बार फिर सैंकड़ो छात्रों की गूंज फ़ीस वृद्धि वापिस ले प्रशासन – अक्षय ठाकुर।

आंदोलन हुआ तेज़ भूख हड़ताल का सत्रहवाँ दिन भी जारी – अभाविप

शिमला: 19 अगस्त 2026,आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सैंकड़ों छात्रों के साथ आक्रोश प्रदर्शन निकाला गया। जिसमें दो मांगो को लेकर विद्यार्थी परिषद ने आक्रोश रैली निकाली एवं धरना किया। साथ ही विद्यार्थी की क्रमिक भूख हड़ताल का सत्रहवाँ दिन (17th day) भी जारी किया गया।
इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी थी कि जल्द से जल्द फीस वृद्धि के निर्णय को वापिस लेना होगा अन्यथा विद्यार्थी परिषद के आंदोलन का उग्र रूप देखने को मिलेगा  और आज विद्यार्थी परिषद उग्र रूप में उतर चुकी है विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन को देखते हुए आज कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भी विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे ।आज सबके सामने यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय पर बात करने का समय है। हमारा यह विश्वविद्यालय, जो कभी देवभूमि के आम और गरीब परिवारों के बच्चों के सुनहरे भविष्य का रास्ता हुआ करता था, आज व्यावसायिकता की अंधी दौड़ में शामिल होता दिख रहा है। प्रशासन द्वारा हाल ही में ली गई फीस वृद्धि के फैसले ने हर उस छात्र की उम्मीदों पर प्रहार किया है, जो यहाँ पढ़ने का सपना लेकर आता है।
शिक्षा कोई व्यापार नहीं है और विश्वविद्यालय कोई मुनाफा कमाने वाली कंपनी नहीं है! हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहाँ अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों से आती है। यहाँ के किसान, बागवान और छोटे कर्मचारी अपनी जीवन में कमाई का एक-एक पैसा जोड़कर अपने बच्चों को शिमला पढ़ने भेजते हैं। क्या प्रशासन ने इस बेतहाशा फीस वृद्धि को लागू करने से पहले उन परिवारों की लाचारी के बारे में सोचा?यह फीस वृद्धि केवल कागज पर बदले हुए कुछ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह उन गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की उच्च शिक्षा के रास्ते में खड़ी की गई एक बड़ी दीवार है।
जो छात्र पहले से ही रहने और खाने के खर्चों से जूझ रहे हैं, उन पर फीस का यह अतिरिक्त बोझ डालना सीधे तौर पर उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। यदि शिक्षा इतनी महंगी हो जाएगी, तो समाज के वंचित तबके के बच्चे कहाँ जाएंगे? क्या उच्च शिक्षा पर केवल अमीर परिवारों का हक रह जाएगा?हम प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि बुनियादी सुविधाओं के नाम पर छात्रों को क्या मिल रहा है? न तो उचित हॉस्टल की व्यवस्था है, न आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधाएं और न ही पर्याप्त बस सेवाएं। फिर इस बढ़ी हुई फीस का पैसा किसकी जेब में जा रहा है? बिना सुविधाएं बढ़ाए फीस बढ़ाना सरासर अन्याय है।
लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और कर्तव्य भी। जब तक प्रशासन इस छात्र-विरोधी फैसले को वापस नहीं लेता, तब तक हमारा यह आंदोलन थमेगा नहीं। हम शांतिपूर्ण लेकिन पूरी मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद रखेंगे। विद्यार्थी परिषद द्वारा आह्वान किया गया कि अपनी एकजुटता बनाए रखें। यह लड़ाई किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। शिक्षा को बिकने नहीं दिया जाएगा, इसे हर आम नागरिक की पहुंच में रखना ही होगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव तुरंत प्रभाव से बहाल किए जाएं क्योंकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर जब-जब कार्यकारी परिषद की बैठक होती है उस बैठक के अंदर छात्र हितों की आवाज उठाने वाला कोई भी छात्र उपस्थित नहीं होता और जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए जाते तब तक इसी तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र विरोधी नीतियां बनाता रहेगा जिसके लिए छात्र संघ चुनावों का बहाल होना अति आवश्यक है।
विद्यार्थी परिषद ने प्रतीकात्मक एवं क्रमिक भूख हड़ताल का सत्रहवाँ दिन (17th day) भी जारी कर दिया है और यह आह्वान किया है कि जिस आंदोलन की चेतावनी विद्यार्थी परिषद ने दी थी आज वो आंदोलन शुरू कर दिया गया है। जब तक विद्यार्थी परिषद की फीस वृद्धि को वापिस लेने की मांग को पूरा नहीं किया गया तब तक यह क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। ओर अगर इसमें किसी छात्र की जान माल को खतरा आया तो उसका खामियाज़ा कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार एवं शिक्षा मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ेगा। साथ ही प्रदर्शन में भारी छात्रों की संख्या के बीच भाषण देते हुए उन्होंने सभी छात्रों को विश्वास दिलाया है कि जबतक यह आप सभी छात्रों की फीस वृद्धि वापिस नहीं होती तब तक विद्यार्थी परिषद इसी मजबूती से इसके खिलाफ आवाज़ उठती रहेगी। साथ ही वहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भी चेतावनी दी है कि सरकार में बैठे अपने आकाओं तक संदेश पहुंचा दीजिए जल्द हे विद्यार्थी परिषद हजारों की संख्या में विधानसभा के अंदर घुसने के लिए तैयार है।