
शिमला:27 जून 2026, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस समय आयोजित किया गया जब विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी बैठक में व्यस्त था और छात्रों की समस्याओं की ओर से आंखें मूंदे हुए था। छात्रों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर संगठन ने कुलपति की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली तथा कुलपति का पुतला दहन कर अपना तीव्र रोष प्रकट किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब उनकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ABVP के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अनेक महत्वपूर्ण मांगें रखीं। संगठन ने मांग की कि विश्वविद्यालय द्वारा की गई मनमानी फीस वृद्धि तत्काल वापस ली जाए क्योंकि इससे गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए क्योंकि बसों की भारी कमी के कारण दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ के लोकतांत्रिक चुनाव शीघ्र कराए जाएं, क्योंकि छात्र संघ विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है और इसके अभाव में छात्रों की आवाज दबकर रह जाती है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में रिक्त नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ की जाए ताकि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक एवं शैक्षणिक तंत्र सुचारू रूप से चल सके। पुस्तकालय में पुस्तकें, पत्रिकाएं, इंटरनेट एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, क्योंकि वर्तमान में पुस्तकालय की दयनीय स्थिति विद्यार्थियों की शिक्षा एवं शोध कार्य को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इन सबके अतिरिक्त विश्वविद्यालय से जुड़ी अन्य समस्त लंबित समस्याओं का भी त्वरित एवं ठोस समाधान करने की मांग की गई।
ABVP हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर जी ने इस अवसर पर कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन वर्षों से छात्रों की मूलभूत समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। बार-बार ज्ञापन सौंपे जाने और मौखिक आश्वासन मिलने के बावजूद धरातल पर कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ABVP एक जिम्मेदार छात्र संगठन है और वह हमेशा से छात्रहित में संघर्ष करता आया है, परंतु जब प्रशासन संवाद का रास्ता बंद कर लेता है तो संगठन सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाता है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने निकट भविष्य में इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो ABVP और भी बड़े एवं व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन पर होगी।
ABVP का यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं और किसी भी अन्याय को चुपचाप सहन करने के लिए तैयार नहीं हैं। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि वह छात्रों की भावनाओं को समझे और एक जिम्मेदार प्रशासन की भूमिका निभाते हुए इन मांगों का शीघ्र निराकरण करे I








