शिमला 16 जुलाई। जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश द्वारा संचालित जनगणना का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) 15 जुलाई को प्रदेश भर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 16 जून से शुरू हुए इस एक माह तक चले अभियान में डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अभूतपूर्व सटीकता और गति से डेटा संकलन किया गया। इस चरण की सबसे बड़ी उपलब्धि ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) विकल्प की सफलता रही। प्रदेश के जागरूक नागरिकों ने डिजिटल सुविधा का लाभ उठाते हुए स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर राष्ट्रीय जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
इस महाभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए प्रशासनिक तंत्र ने दिन-रात एक कर दिया। जहाँ एक ओर राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, नगर निगमों के आयुक्तों, तहसीलदारों तथा अन्य सभी वरिष्ठ जनगणना अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर कमान संभाली और हर बारीक व्यवस्था की निगरानी की; वहीं दूसरी ओर, इस अभियान की असली रीढ़ साबित हुए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त फील्ड स्टाफ। सभी प्रशिक्षकों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने इसे सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
निदेशालय ने इस महाभियान की सफलता का श्रेय प्रशासनिक तंत्र और फील्ड स्टाफ को दिया है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों के बावजूद, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने पूरी निष्ठा से घर-घर जाकर डेटा एकत्र किया। निदेशालय ने प्रदेश के नागरिकों, फील्ड स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया का इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया है।







