सबकी खबर , पैनी नज़र

July 30, 2026 9:49 pm

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बदले की राजनीति से न मुख्यमंत्री, न प्रदेश और न ही अधिकारियों का भला होगा: जयराम ठाकुर

जिस पंजे को जनता ने उखाड़ फेंका, उसकी उंगलियों पर नाचने से बाज आएं अधिकारी, इस सरकार से अपना भविष्य न जोड़ें अधिकारी
बीजेपी पर आरोप लगाने के बजाय, तथ्य गलत हैं तो एडीआर के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार

शिमला: मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रतिशोध की जिस राह पर चल रहे हैं, उससे किसी का लाभ नहीं होने वाला। अपनी नाकामी को छिपाने और निजी शत्रुता निकालने के लिए जिस तरह से वह बीजेपी नेताओं के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उसकी उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। जब से राज्यसभा चुनाव में बहुमत होने के बावजूद वह हारे हैं, तब से वह अधिकारियों के जरिए बीजेपी नेताओं को परेशान करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। विजिलेंस के जरिए सभी के खिलाफ साजिशन कार्रवाई की जा रही है। सबसे पहले मार्च में उन्होंने विजिलेंस को आरटीआई के दायरे से बाहर किया, इसके बाद फैब्रिकेटेड शिकायतें करके लोगों को फंसाने का काम चल रहा है। जो भी मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसके खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई की जा रही है। उनके खिलाफ सिर उठा रहे एक बड़े मंत्री के खिलाफ भी सीएम ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। वह मंत्री आलाकमान तक गए, फिर वह जांच ठंडे बस्ते में चली गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी तरह मुख्यमंत्री भाजपा नेताओं के साथ विजिलेंस जांच के नाम पर अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं,ताकि उनके खिलाफ कोई आवाज न उठाए। लेकिन वह भूल रहे हैं कि भाजपा को वह डरा नहीं सकते हैं। उनके खिलाफ एक के बाद एक आरोप लगे। उनके ही पार्टी के उपाध्यक्ष ने अटैचियां इकट्ठा करने का आरोप लगाया। लेकिन मुख्यमंत्री ने उन अटैचियों की जांच नहीं करवाई। पूरी संभावना है कि आरोप लगाने वालों पर ही जांच बैठा दी जाए। अगर जांच नहीं बैठ रही है तो यह तय है कि आरोपों में दम है, इसलिए खामोशी है। प्रदेश के लोग मित्रों द्वारा मचाई गई लूट के बारे में जानकारी चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री चुप हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव में पंजे को उखाड़कर फेंक दिया है। इसलिए अब अधिकारी भी उन बेजान पंजों के इशारे पर नाचना बंद करें और जिस सरकार का अपना भविष्य नहीं है, उससे अपना भविष्य न जोड़ें। वक्त बहुत कम है, यह बीतते देर नहीं लगेगी।जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने भी सुधीर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की, क्योंकि वह उनके भ्रष्टाचार को उजागर करते रहते हैं। होशियार सिंह पर एक के बाद एक एफआईआर हुईं, क्योंकि उन्होंने महिला मंडलों को पचास-पचास हजार रुपये देने के मामले को उजागर किया। केएल ठाकुर, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आशीष शर्मा के पूरे परिजनों के खिलाफ केस बनाए गए। राजेंद्र राणा के परिजनों के खिलाफ केस बनाए गए। चैतन्य शर्मा के खिलाफ केस बनाए गए। रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो और इंद्र दत्त लखनपाल तथा उनके लोगों को परेशान किया गया।
सबसे अमीर सीएम के दावे में सच्चाई नहीं तो संबंधित एनजीओ के खिलाफ एफआईआर करें सीएम
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को अगर लगता है कि उत्तर भारत के सबसे अमीर सीएम के दावे में सच्चाई नहीं हैऔर तथ्यों से हेर-फेर हुई है तो वह संबंधित एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई करें और मुकदमा दर्ज करवाएं। वह एक दिन में कई पत्रकारों पर एफआईआर करवा सकते हैं, उनके खिलाफ बोलने वाले दर्जनों सोशल मीडिया अकाउंट्स को रातों-रात बंद करवा सकते हैं तो फिर उन्हें एक एनजीओ पर कार्रवाई करने में डर क्यों लग रहा है? वह बीजेपी को दोष क्यों दे रहे हैं? क्या उन्होंने अपना चुनावी शपथ पत्र बीजेपी के कहने पर दिया था?
वंदे मातरम् के अपमान के विरुद्ध कानून पारित होना राष्ट्रीय गौरव का विषय
लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम् के अपमान के विरुद्ध कानून पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई। यह हम सभी के लिए राष्ट्रीय गर्व और गौरव का विषय है। जिस ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष ने देश की आजादी की लड़ाई में करोड़ों भारतीयों के भीतर राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना जगाई, आज उसी राष्ट्रगीत के गायन के दौरान केवल राजनीतिक विरोध के नाम पर बैठे रहना या सदन से उठकर चले जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र और राष्ट्रभक्ति से जुड़े प्रतीकों का सम्मान हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वंदे मातरम्’ केवल शब्द नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की चेतना, असंख्य क्रांतिकारियों के त्याग और देश की एकता का प्रतीक है। इसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य है और इसके अपमान को किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता।