शिमला, 31 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने कांगड़ा जिला के पोंग बांध विस्थापितों को भूमि पट्टे प्रदान किए जाने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वह कर दिखाया है, जिसे प्रदेश की पिछली सरकारें पिछले 50 वर्षों में नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि पट्टे देने का निर्णय नहीं, बल्कि हजारों विस्थापित परिवारों के साथ हुए दशकों पुराने अन्याय को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण कदम है।
ज़िंटा ने कहा कि पोंग बांध विस्थापितों का मामला वर्षों तक सरकारी फाइलों में धूल फांकता रहा। सत्ता बदलती रही, सरकारें आती-जाती रहीं, चुनावी वादे किए जाते रहे, लेकिन किसी ने भी इन परिवारों के दर्द को समझने और उन्हें उनका वैधानिक अधिकार दिलाने का साहस नहीं दिखाया। पिछले पांच दशकों में भारतीय जनता पार्टी और उससे पहले की सरकारों ने इस गंभीर मानवीय मुद्दे को केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित रखा। हजारों परिवार न्याय की आस लगाए दर-दर भटकते रहे, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता संभालने के बाद इस लंबे समय से लंबित विषय को गंभीरता से लिया, संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए और वर्षों से बंद पड़ी फाइलों को निकलवाकर प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विनोद ज़िंटा ने कहा कि भाजपा के नेताओं को यह बताना चाहिए कि जब वे वर्षों तक प्रदेश और केंद्र दोनों जगह सत्ता में रहे, तब पोंग बांध विस्थापितों के लिए उन्होंने क्या किया? चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा ने कभी भी इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आज जब कांग्रेस सरकार ने दशकों पुराना मामला सुलझाया है, तब भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पोंग बांध के निर्माण से 20,722 से अधिक परिवार तथा लगभग 30,000 लोग प्रभावित हुए थे। इन परिवारों ने अपने घर, खेत, जमीन और आजीविका का त्याग प्रदेश और देश के विकास के लिए किया था, लेकिन बदले में उन्हें वर्षों तक केवल आश्वासन ही मिले। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इन परिवारों के संघर्ष, त्याग और पीड़ा का सम्मान करते हुए उन्हें उनका हक़ दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश की जनता इसे हमेशा याद रखेगी।
ज़िंटा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान कांग्रेस सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी राजनीति केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि फैसलों और परिणामों की राजनीति है। कांग्रेस सरकार हर उस वर्ग के साथ खड़ी है, जिसे वर्षों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा। सरकार का एकमात्र उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेशहित से जुड़े किसी भी निर्णय से पीछे हटने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने बार-बार यह साबित किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करना, लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विनोद ज़िंटा ने विश्वास व्यक्त किया कि पोंग बांध विस्थापितों से जुड़े शेष सभी मामलों का भी चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा और किसी भी प्रभावित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी शासन की नई पहचान स्थापित हुई है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।


