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August 10, 2026 4:52 pm

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केंद्र सरकार ने हिमाचल में चिकित्सा शिक्षा को दी बड़ी मजबूती

हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों, MBBS-PG सीटों और स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में उठाया, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दिया विस्तृत जवाब

चंबा, हमीरपुर व नाहन में मेडिकल कॉलेज कार्यशील, 120 MBBS सीटें बढ़ाने के लिए ₹144 करोड़ और 17 PG सीटों के लिए ₹14.50 करोड़ स्वीकृत : सुरेश कश्यप

शिमला, 10 अगस्त। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में हिमाचल प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों, MBBS एवं स्नातकोत्तर सीटों, डॉक्टरों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। सांसद द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 3439 का उत्तर 7 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दिया।
सुरेश कश्यप ने लोकसभा में केंद्र सरकार से पूछा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कितने सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर की कितनी सीटें उपलब्ध हैं तथा इनसे संबद्ध अस्पतालों की स्थिति क्या है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों तथा इनमें डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वीकृत और कार्यरत पदों की जानकारी भी मांगी।
सांसद ने पिछले तीन वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मेडिकल ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने वाले डॉक्टरों तथा उनमें से प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्त किए गए डॉक्टरों की जानकारी भी मांगी। साथ ही प्रदेश में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने तथा मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए एवं प्रस्तावित कदमों का विवरण मांगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने लिखित उत्तर में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की जानकारी का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 7 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 846 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में एक निजी मेडिकल कॉलेज में 150 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार प्रदेश के कार्यरत मेडिकल कॉलेजों में कुल 996 MBBS सीटें उपलब्ध हैं।
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के संबंध में केंद्र सरकार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 307 PG सीटें तथा एक निजी मेडिकल कॉलेज में 93 PG सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 400 PG मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्य सूची का विषय हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। इसके बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करता है। हिमाचल प्रदेश को भी स्वास्थ्य कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्यों से प्राप्त Programme Implementation Plans (PIPs) के आधार पर सहायता प्रदान की जाती है।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि CHC, PHC, Sub-Health Centres और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मचारियों और रिक्तियों से संबंधित जानकारी Health Dynamics of India 2023-24 में उपलब्ध है। वहीं पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में MBBS और MD/MS पाठ्यक्रम पूरा करने वाले डॉक्टरों की संख्या का विवरण केंद्र स्तर पर संधारित नहीं किया जाता है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। केंद्रीय मंत्री के जवाब के अनुसार, मौजूदा जिला/रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में चंबा, हमीरपुर और नाहन में तीन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई और तीनों वर्तमान में कार्यशील हैं। इस योजना में विशेष रूप से ऐसे वंचित एवं आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाती है जहां पहले सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल नए संस्थान स्थापित करने तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे, बल्कि मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के लिए भी बड़ी वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई है। केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में 120 अतिरिक्त MBBS सीटें बढ़ाने के लिए कुल ₹144 करोड़ की लागत को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा एक मेडिकल कॉलेज में 17 अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने के लिए ₹14.50 करोड़ की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के रूप में मिली है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत बिलासपुर में एम्स की स्थापना की गई है। इसके साथ ही सरकारी मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टांडा और शिमला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के दो प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किए गए हैं।
कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का आधार लगातार मजबूत किया गया है। मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, MBBS और PG सीटों में वृद्धि, एम्स बिलासपुर तथा शिमला और टांडा में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दीर्घकालीन मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार प्रदेश को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दे रही है और आने वाले समय में भी प्रदेश की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को केंद्र के समक्ष मजबूती के साथ उठाया जाता रहेगा।