सबकी खबर , पैनी नज़र

August 9, 2026 10:27 pm

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August 9, 2026 10:27 pm

फ़ीस वृद्धि निर्णय वापिस नहीं ली तो होगा आमरण अनशन -अक्षय ठाकुर

विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ नारेबाज़ी अभी भी जारी – अभाविप

फ़ीस वृद्धि को लेकर छात्रों में उबाल – अभाविप

रविवार को भी जारी रही नारेबाज़ी – अभाविप


शिमला: 9,अगस्त,2026, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में छात्रों की लंबित मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा शुरू की गई प्रतीकात्मक एवं क्रमिक भूख हड़ताल आज सातवें दिन भी सफलतापूर्वक जारी रही। विश्वविद्यालय परिसर में चल रहा यह आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। आज आंदोलन के सातवें दिन इकाई उपाध्यक्ष यश ठाकुर और विज्ञान संकाय इकाई मंत्री अंकित चंदेल ने अपनी क्रमिक भूख हड़ताल के 24 घंटे पूरे कर इसे तोड़ा।

इसके बाद आंदोलन की कमान संभालते हुए इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर और विज्ञान संकाय इकाई अध्यक्ष विक्रम ठाकुर अगले 24 घंटों के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। विद्यार्थी परिषद ने अपनी मुख्य मांगों को दोहराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत प्रभाव से फीस वृद्धि का फैसला वापस लेना होगा। इसके साथ ही, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र संघ चुनावों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहले ही नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस कुछ निजी विश्वविद्यालयों से ज्यादा हैं परंतु इसके बावजूद भी इन सीटों के ऊपर 25 से 30 प्रतिशत फ़ीस वृद्धि बिल्कुल निंदा का विषय है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में निजी विश्वविद्यालय जैसी सुविधाएं तक नहीं हैं परंतु फिर भी फीस वृद्धि करना विरोध करने वाला निर्णय है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में रनिंग सत्र की फ़ीस भी बढ़ा दी गई है। जिन छात्रों ने यहां पुराना फ़ीस स्ट्रक्चर देख कर दाखिला लिया था उनके साथ यह अन्यायपूर्ण रवैया ओर धोखाधड़ी करने वाला फैसला है। परीक्षा एवं पंजीकरण से जुड़ी फीसों को 2 से 3 गुना तक बढ़ा दिया गया है।

इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा एवं क्रमिक भूख हड़ताल को आमरण अनशन में बदला जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय इकाई के कई प्रमुख कार्यकर्ता और आम छात्र भी आंदोलनकारियों का समर्थन करने के लिए धरना स्थल पर मौजूद रहे।