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August 20, 2026 9:14 pm

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रक्तदान केवल सामाजिक कार्य नहीं, जीवन बचाने वाली मानवीय जिम्मेदारी : गुलाब चंद कटारिया

निफा ने रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली करीब 90 संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

चंडीगढ़। पवन चोपड़ा, चिकित्सा विज्ञान ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आधुनिक अस्पताल, अत्याधुनिक तकनीक, नई दवाएं और उपचार की अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन एक सच्चाई आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि रक्त का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं किया जा सकता। रक्त केवल एक स्वस्थ मानव शरीर से दूसरे जरूरतमंद मानव तक पहुंच सकता है। इसलिए रक्तदान को केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली मानवीय जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। यह बात पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कही।
वे सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (निफा) की चंडीगढ़ शाखा की ओर से श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली चंडीगढ़ की संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने निफा द्वारा कोविड काल में ‘संवेदना’ अभियान के माध्यम से एक ही दिन में 1476 रक्तदान शिविर आयोजित करने तथा ‘संवेदना-2’ के तहत देशभर में करीब 2400 रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निफा के संस्थापक अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु और पूरी कार्यकारिणी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘संवेदना’ शब्द अपने आप में बहुत गहरा अर्थ रखता है।
उन्होंने कहा कि संवेदना का अर्थ दूसरे के दर्द को महसूस करना है, लेकिन केवल दर्द महसूस करना पर्याप्त नहीं है। संवेदना तब सार्थक होती है, जब वह सेवा में बदलती है। अस्पताल में रक्त की आवश्यकता होने पर रक्तदान के लिए आगे आना, जरूरतमंद परिवार की सहायता के लिए समय देना या दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना संवेदना का ही रूप है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करना संवेदना का सर्वोच्च रूप है।
करीब 90 संस्थाओं को मिला नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड
समारोह में राज्यपाल ने ‘संवेदना’ अभियान के तहत रक्तदान शिविर लगाने वाली करीब 90 संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निफा की ओर से नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। सभी सम्मानित प्रतिभागियों को वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड की ओर से भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का आगाज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
रक्तदान करने वाली संस्थाएं जीवनदायिनी : सौरभ जोशी
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने रक्तदान के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं को जीवनदायिनी संस्थाएं बताया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने देशव्यापी अभियान चलाने के लिए निफा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि समाज की सभी संस्थाओं को साथ लेकर ऐसे अभियानों को और व्यापक बनाया जाना चाहिए।
पूर्व वाइस चांसलर एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. आरसी सोबती तथा दिगंबर जैन मंदिर के प्रधान धर्म बहादुर जैन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निफा की शाखाएं
कार्यक्रम का आयोजन निफा चंडीगढ़ की ओर से किया गया। चंडीगढ़ प्रधान राकेश सांगर और सचिव परवीन कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। निफा के संस्थापक अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु ने संस्था की सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2000 में करनाल से शुरू हुई निफा की शाखाएं आज देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं।
उन्होंने बताया कि निफा को भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। संस्था की सामाजिक गतिविधियों ने छह बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बनाया है।
निफा की राष्ट्रीय प्रधान डॉ. अश्विनी शेट्टी विशेष रूप से कर्नाटक से कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने सभी अतिथियों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
इस अवसर पर निफा के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट नरेश बराना, वाइस चेयरमैन गुरमीत सिंह सचदेवा, हरियाणा प्रधान श्रवण शर्मा, पंजाब प्रधान सचप्रीत सिंह, सचिव दीपक वालिया, कोषाध्यक्ष सतिंदर सिंह सहित निफा चंडीगढ़ के सदस्य मौजूद रहे।