सबकी खबर , पैनी नज़र

September 25, 2026 10:20 pm

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12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला का भव्य आगाज, वैश्विक सिनेमा के उत्सव की शुरुआत

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन; मनोज जोशी, अमित राय और शारिब हाशमी ने पहले दिन दर्शकों से किया संवाद                        शिमला, 25 सितंबर, 2026, 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला (IFFS) का आज ऐतिहासिक गेयटी हेरिटेज कल्चरल कॉम्प्लेक्स, शिमला में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के  उत्सव के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के माननीय उप मुख्यमंत्री एवं भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया। महोत्सव में प्रमुख अतिथियों के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी, अभिनेता शारिब हाशमी तथा फिल्म निर्देशक-लेखक अमित राय शामिल हुए, जो विशेष सत्रों एवं दर्शकों के साथ संवाद में भाग ले रहे हैं।
महोत्सव की उद्घाटन फिल्म अज़रबैजान की शॉर्ट फिल्म ‘लल्लाबाय’  रही, जिसका निर्देशन अयान मामादोवा ने किया है। यह एक युद्ध पर आधारित फिल्म है, जो कराबाख संघर्ष के दौरान रक्तरंजित हुए शहर और मोर्चे पर संयोगवश आमना-सामना होने के बाद एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाने के लिए मजबूर दो सैनिकों की कहानी को सामने लाती है। फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद इसके निर्माता ने दर्शकों के साथ संवाद किया।
उद्घाटन दिवस का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी के साथ विशेष इंटरैक्टिव सत्र रहा। इस सत्र के दौरान मनोज जोशी नेदर्शकों से संवाद करते हुए भारतीय सिनेमा में अपने सफर, अभिनय तथा अभिनय-कला से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस संवाद ने युवा फिल्मकारों, विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों को वरिष्ठ अभिनेता के साथ सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। इस सत्र का संचालन आउटलुक के वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी शर्मा ने किया।
फिल्म उत्सव के पहले दिन का एक अन्य प्रमुख आकर्षण अभिनेता शारिब हाशमी के साथ विशेष संवाद सत्र रहा। शारिब हाशमी ने अभिनेता के रूप में अपने सफर, फिल्मों और डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में अपने अनुभवों तथा भारतीय सिनेमा के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए, जिससे यह सत्र अभिनेता और युवा सिनेमा प्रेमियों के बीच एक जीवंत संवाद में बदल गया। इस सत्र का संचालन प्रसिद्ध पत्रकार, फिल्म एवं कला समीक्षक तथा लेखिका नोनिका सिंह ने किया।
उद्घाटन दिवस पर कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष मास्टरक्लास का भी आयोजन किया गया। इस मास्टरक्लास के माध्यम से प्रतिभागियों और उभरते फिल्मकारोंको डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने का अवसर मिला। सत्र के साथ डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की गई, जिसमें कहानी कहने की कला, दृश्य अभिव्यक्ति तथा समाज और मानवीय अनुभवों को प्रतिबिंबित करने में डॉक्यूमेंट्री सिनेमा की भूमिका पर चर्चा को प्रोत्साहित किया गया।
पूरे दिन फेस्टिवल परिसर में विद्यार्थियों, उभरते फिल्मकारों, सिनेमा प्रेमियों और प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। स्थापित फिल्मी हस्तियों के साथ हुए संवादों ने युवा प्रतिभागियों को फिल्म उद्योग से जुड़े अनुभवी पेशेवरों से सीधे सीखने का अवसर प्रदान किया।
उद्घाटन समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए फिल्मकारों, अभिनेताओं, सिनेमा से जुड़े पेशेवरों, विद्यार्थियों, फिल्म प्रेमियों और दर्शकों ने भाग लिया।फेस्टिवल के पहले दिन गेयटी कल्चरल कॉम्प्लेक्स के MP Theatre और Gothic Theatre में फिल्मों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में भारत के साथ-साथ विश्व के विभिन्न देशों की फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और एनीमेशन फिल्में शामिल रहीं।
उद्घाटन दिवस पर मानिआ  इंस्ट्रूमेंट , दादू की कहानियां, रसबेरी  सोर्बेट , सेल्फ अस्समेंट  और एवेरेस्ट ड्रीम सहित कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
फिल्मों के विविध चयन ने दर्शकों को दुनिया भर की अलग-अलग सिनेमाई परंपराओं, सामाजिक विषयों और कहानी कहने की विभिन्न शैलियों से परिचित होने का अवसर प्रदान किया। फेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम में ईरान, बुल्गारिया, अज़रबैजान, पोलैंड, नेपाल, पुर्तगाल, यूक्रेन, भूटान, कनाडा, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और भारत सहित विभिन्न देशों की फिल्में शामिल हैं।
यह फिल्म महोत्सव केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग का मंच ही नहीं है, बल्कि फिल्मकारों और दर्शकों के बीच संवाद, सीखने, नेटवर्किंग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
फेस्टिवल डायरेक्टर पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि उद्घाटन दिवस पर मिली प्रतिक्रिया हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 33 देशों और 15 भारतीय राज्यों के फिल्मकारों और फिल्मों की भागीदारी ने इस संस्करण कोमजबूत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय आयाम प्रदान किया है।
फेस्टिवल का आयोजन 26 और 27 सितंबर को भी जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न फिल्मों की स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास और फिल्मकार-दर्शक संवाद आयोजित किए जाएंगे।
26 सितंबर को फिल्म निर्देशक एवं लेखक अमित राय, जो ओ माय गॉड -2 के निर्देशक एवं लेखक हैं, के साथ विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही गेयटी कल्चरल कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग का सिलसिला भी जारी रहेगा।
यह फिल्म महोत्सव सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार; भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार; तथा हिमालयन वेलोसिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।