सोलन, 13 अक्टूबर 2026,शूलिनी यूनिवर्सिटी ने ‘भारत पिचाथॉन 5.0’ के हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ एडिशन की मेज़बानी की। यह ‘हेडस्टार्ट नेटवर्क फ़ाउंडेशन’ का एक नेशनल स्टार्टअप इनिशिएटिव है जो नए उद्यमियों (entrepreneurs) को इन्वेस्टर्स, मेंटर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से जोड़ता है। शूलिनी यूनिवर्सिटी इस इवेंट की वेन्यू और नॉलेज पार्टनर थी, और शूलिनी पहल फ़ाउंडेशन (SPF) इसकी इनक्यूबेशन पार्टनर थी। इस इवेंट में वेंचर कैपिटलिस्ट, फ़ाउंडर्स, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स शामिल हुए।
‘भारत पिचाथॉन’ भारत का सबसे बड़ा पिचिंग इनिशिएटिव है और यह खास तौर पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में ज़्यादा क्षमता वाले स्टार्टअप्स की तलाश करता है। अपने पहले चार एडिशन में, इसे 4,000 से ज़्यादा एप्लीकेशन मिले, 800 से ज़्यादा पिच आयोजित किए गए, 1,300 से ज़्यादा इन्वेस्टर कनेक्शन बनाए गए और 30 से ज़्यादा स्टार्टअप्स को ₹100 करोड़ से ज़्यादा फ़ंड जुटाने में मदद मिली।
इस रीजनलएडिशन के लिए हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से 40 एप्लीकेशन आए। एक इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट पैनल ने 13 स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट किया, और उनमें से 10 स्टार्टअप्स (जिनमें SPF द्वारा इनक्यूबेट किए गए पांच स्टार्टअप्स भी शामिल थे) ने एक जूरी के सामने अपनी पिच पेश की। इस जूरी में ब्लूम वेंचर्स (Blume Ventures) और TiE चंडीगढ़ से जुड़े इन्वेस्टर्स शामिल थे। जूरी ने स्टार्टअप्स को प्रोडक्ट में अंतर (product differentiation), कस्टमर एक्विजिशन, प्राइसिंग और स्केलेबिलिटी के आधार पर परखा और हर फ़ाउंडर को उनके बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फ़ीडबैक दिया।
ये स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, लीगल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और लोकल मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों से थे।
ब्लूम वेंचर्स में प्लेटफ़ॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट और हेडस्टार्ट नेटवर्क फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर, मिस्टर गौतम शिवरामकृष्णन ने कहा कि सफल कंपनियाँयूनिवर्सिटी कैंपस से भी शुरू हो सकती हैं। उन्होंने ग्रेऑरेंज और स्पेस-टेक्नोलॉजी स्टार्टअप पिक्सेल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर फ़ाउंडर्स बड़े सपने देखें और बाहरी मदद का इंतज़ार किए बिना काम शुरू कर दें, तो अगला एप्पल हिमाचल प्रदेश से भी निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे बेंगलुरु के इनोवेटर्स के साथ “हैकिंग इन द हिल्स” नाम की एक पहल के लिए वापस आएँगे।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पी. के. खोसला ने हिस्सा लेने वालों का स्वागत करते हुए युवा उद्यमियों को बड़े और महत्वाकांक्षी विचारों पर भरोसा करने और कड़ी मेहनत, सावधानी से योजना बनाने और दूर की सोच के साथ उन पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “फाउंडर्स को कोशिश करने, फेल होने और फिर से कोशिश करने की गुंजाइश मिलनी चाहिए। शूलिनी का स्टार्टअपइकोसिस्टम स्टूडेंट्स और स्टार्टअप्स को फैकल्टी मेंटर्स, लैब्स और साथियों से जुड़ने का मौका देता है, ताकि वे कम जोखिम के साथ अपने आइडिया को टेस्ट कर सकें। हर आइडिया कंपनी नहीं बन पाता। हमारा मकसद स्टूडेंट्स को हर कोशिश से सीखने और आगे बढ़ते रहने में मदद करना है।”
क्लासरूम से परे इनोवेशन पर एक पैनल डिस्कशन में, शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने शूलिनी के उस लक्ष्य के बारे में बात की जिसके तहत वे एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं जहाँ शिक्षा, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप मिलकर काम करें। उन्होंने वैज्ञानिक खोजों को कमर्शियल प्रोडक्ट्स में बदलने के लिए इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच मज़बूत पार्टनरशिप की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
ऐ आई और इनोवेशन के प्रेसिडेंट प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च और ड्रग डिस्कवरी के क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। उन्होंने नए वेंचर्स के लिए ग्रीन एनर्जी, हेल्दी एजिंग और कैंसर रिसर्च को अच्छे क्षेत्रों के तौर पर बताया।
शूलिनी यूनिवर्सिटी की चीफ लर्निंग ऑफिसर प्रो. आशू खोसला ने स्टूडेंट्स से कहा कि वे सफलता को जमा किए गए पैसे से नहीं, बल्कि उन समस्याओं को हल करने से मापें जिन्हें वे सुलझाते हैं। उन्होंने उन्हें क्रिएटिव बने रहने और अपने विषयों से हटकर दूसरी चीज़ों में भीदिलचस्पी लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
अब जूरी के स्कोर नेशनल सिलेक्शन के लिए हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन की सेंट्रल एक्सपर्ट टीम के पास भेजे जाएँगे। अगले दो महीनों में 20 से ज़्यादा शहरों में ‘भारत पिचाथॉन 5.0’ आयोजित किया जाएगा। इसके ग्रोथ प्रोग्राम के लिए चुने गए स्टार्टअप्स की घोषणा नवंबर के आखिर तक की जाएगी और उन्हें जनवरी से ‘गो-टू-मार्केट’ स्ट्रैटेजी और इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। दिसंबर में, 12 से 15 स्टार्टअप्स को बेंगलुरु में होने वाले ‘फ्रंटियर टेक समिट’ में इन्वेस्टर्स के सामने अपना आइडिया पेश करने (पिच करने) के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।









