शिमला में केशव नगर के कुल 184 स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन, निकाला पथ संचलन। इनमें 147 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थिति रहे
शिमला। विजयादशमी के उपलक्ष्य में शरद पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) केशव नगर शिमला द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाईपास स्थित होटल हॉराइजन के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कुल 184 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इनमें 147 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रांत संघचालक परम पूजनीय श्रीमान वीर सिंह रांगड़ा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में वीर सिंह रांगड़ा ने कहा कि समाज में समरसता होगी तो देश स्वतः शक्तिशाली बनेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समरस समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी सुरक्षित रह सकता है, जब वह शक्तिशाली हो। भारत की सुरक्षा और सामर्थ्य के लिए देश को सशक्त बनाना आवश्यक है और संघ की स्थापना भी इसी उद्देश्य से हुई है।
विजयादशमी संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक
वीर सिंह रांगड़ा जी ने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक है। इसी दिन संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में उन्होंने संघ की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि विजयादशमी को पाप पर पुण्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। पांडवों ने अज्ञातवास के अंतिम दिन शमी वृक्ष से अपने अस्त्र निकालकर उनका पूजन किया था। इसी परंपरा से शस्त्र पूजन का विशेष महत्व जुड़ा है।
उन्होंने संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के त्याग, संकल्प, योगदान तथा मातृभूमि के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना है, ताकि भारत इतना सशक्त बने कि भविष्य में उसे कभी पराधीनता का सामना न करना पड़े और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके।
युवाओं से सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान
अपने संबोधन में वीर सिंह रांगड़ा जी ने युवाओं से समाज में अराजकता फैलाने, सत्ता परिवर्तन की बात करने और नशे जैसी समस्याओं को बढ़ावा देने वाली शक्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसी चुनौतियों के प्रति सजग रहने के साथ उनका सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
हॉराइजन होटल से शुरू हुआ पथ संचलन कार्यक्रम के उपरांत स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। पथ संचलन बाईपास स्थित होटल हॉराइजन से शुरू होकर कच्ची घाटी से होते हुए वापस होटल परिसर में संपन्न हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से सहभागिता की।
कार्यक्रम में क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख, श्रीमान हरीश जी, प्रांत प्रचारक श्रीमान संजय जी एवं जिला संघ चालक श्रीमान अजय सूद जी भी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम के समापन पर सहभोज का आयोजन किया गया।








