सबकी खबर , पैनी नज़र

October 27, 2026 8:30 pm

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ठोडा खेल हिमाचल व उत्तराखंड के सदियों की खेल संस्कृति का सशक्त परिचायक – विक्रमादित्य सिंह

शिमला:27 अक्तूबर, 2026, प्रदेश सरकार हिमाचल की संस्कृति व पारम्परिक खेल विधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में कार्यरत

चौपाल में आयोजित ठोडा खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की

तहसील खेल परिसर चौपाल में हिमाचल प्रदेश राज्य ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ द्वारा आयोजित प्रथम अंतर्राज्यीय (उत्तराखंड व हिमाचल)  ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के समापन समारोह  आयोजित किया गया। इसमें लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्यतिथि
शिरकत की।
लोक निर्माण मंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल व उत्तराखंड के सदियों के इतिहास को अपने में संजोए हुए ठोडा खेल हमारी समृद्ध खेल संस्कृति का परिचायक है और इस प्रकार की अंतर्राज्यीय खेल प्रतियोगिताएं इस एतिहासिक ठोडा खेल के संरक्षण व खेल के प्रति युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उचित मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जहां हिमाचल की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रयासरत है वहीं हमारी पारंपरिक खेल विधाओं को बढ़ावा देने व युवाओं को इससे जोड़े रखने के लिए भी सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराएं, लोकगीत, लोकनृत्य और देव संस्कृति इसकी विशिष्ट पहचान हैं। यह धरोहर हमारी ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव की प्रतीक है। इसका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा को खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम होता है जिससे जहां शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है वहीं युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहता है और एक सशक्त समाज सुदृढ़ राष्ट्र में अपनी भूमिका अदा करता है।
चौपाल विधानसभा क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के दौरान लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 255 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इनमें सड़कों के नवीनीकरण, उन्नयन और विभिन्न संपर्क मार्गों के निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार क्षेत्र के समग्र विकास तथा लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छैला-यशवंतनगर सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है और नेरवा बाईपास का कार्य जल्द आरंभ कर दिया जाएगा
चौपाल में 150 करोड़ रुपये की लागत से 17 सड़कों के कार्य शुरू
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 17 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है तथा विभिन्न क्षेत्रों में इनके कार्य शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि छैला-यशवंतनगर सड़क बागवानों और किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सड़क के निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष मामला उठाया गया था, जिसके लिए लगभग 250 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। शीघ्र ही इसका कार्य शुरू किया जाएगा। इससे चौपाल के साथ-साथ रोहड़ू, रामपुर, जुब्बल-कोटखाई और ठियोग क्षेत्र के बागवानों एवं किसानों को भी लाभ मिलेगा।
नेरवा बाईपास और पुल निर्माण का कार्य जल्द होगा शुरू
मंत्री ने कहा कि नेरवा में लंबे समय से प्रस्तावित बाईपास तथा 60 मीटर स्पैन के पुल के निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। लोक निर्माण विभाग जल्द ही इसका कार्य शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि नेरवा की संकरी गलियों में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी तथा स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए 70 करोड़ रुपये स्वीकृत
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सड़कों, डंगों और पुलों को काफी नुकसान पहुंचा था। क्षतिग्रस्त आधारभूत ढांचे की बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। उन्होंने बताया कि आपदा से हुए नुकसान की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए चौपाल क्षेत्र में लगभग 70 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में लगभग 20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि आगे भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राज्य का अधिकार है। केंद्र और प्रदेश सरकारों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के मामलों में आपसी सहयोग और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखना आवश्यक है।
चौपाल के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग का मामला फिर उठाया जाएगा
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में हिमाचल प्रदेश के लिए 69 राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा की गई थी, लेकिन उनके अनुसार इनमें से कोई भी उस समय धरातल पर नहीं उतर पाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस विषय को उठाया गया था। अब चौपाल क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की मांग को दोबारा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि चौपाल क्षेत्र के बागवानों, किसानों और आम जनता की सुविधा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की आवश्यकता महत्वपूर्ण है। इसके लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रयास किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
चौपाल नगर पंचायत में सीवरेज और बहुमंजिला भवन के लिए सहयोग का आश्वासन
विक्रमादित्य सिंह ने चौपाल नगर पंचायत में सीवरेज सुविधा का मामला उठाए जाने पर कहा कि आगामी बजट में इस विषय का अध्ययन करवाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी स्वीकृतियों में चौपाल की मांग को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास होगा।
उन्होंने नगर पंचायत के बहुमंजिला भवन निर्माण के लिए भी सहयोग का भरोसा दिलाया, ताकि स्थानीय निकाय की आय बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने में सहायता मिल सके।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधिक सड़कों को शामिल करने का आग्रह
लोक निर्माण ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के बैच-दो के तहत चौपाल क्षेत्र की लगभग 13 सड़कों को शामिल करने के प्रस्ताव भेजे गए हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी सड़कों के लिए आवश्यक भूमि हस्तांतरण, वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) संबंधी स्वीकृतियां तथा अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी कर विभाग को उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से स्वीकृति के लिए प्रस्तावित सड़कों की संख्या 13 से बढ़ाकर 23 से 25 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
दुर्गम क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष प्रयास
मंत्री ने डोडरा-क्वार क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सड़क निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष विशेष मामला उठाया गया था। उनके अनुसार, केंद्र से वर्ष 2026 के अंत तक कार्य पूरा करने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा।
चौपाल में भव्य मंच निर्माण के लिए सहयोग की घोषणा
स्थानीय लोगों की मांग पर मंत्री ने चौपाल में सार्वजनिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए मंच निर्माण हेतु सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग से इसका विस्तृत अनुमान तैयार करवाया जाएगा तथा मुख्यमंत्री, उपायुक्त, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से आवश्यक धनराशि जुटाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस निर्माण कार्य के लिए उनकी ओर से भी आर्थिक योगदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मेला कमेटी को अपनी ओर से 51,000 रुपये देने की घोषणा की, ताकि स्थानीय मेले एवं अन्य आयोजनों के संचालन में सहयोग मिल सके।
इस दौरान लोक निर्माण मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना और प्राप्त सभी उचित मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, राजस्व व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तारपूर्वक बैठक की।
इससे पूर्व लोक निर्माण मंत्री ने देहा (बलसन)में स्थानीय लोगों व पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और क्षेत्र की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध ढंग से पूर्ण करने के सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके उपरांत उन्होंने सामुदायिक अस्तपाल चौपाल का भी दौरा किया और अस्पताल में उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का जायज़ा लिया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष रजनीश किमटा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नगर पंचायत चौपाल की अध्यक्ष पोनिता ठाकुर, पूर्व सचिव प्रदेश कांग्रेस समिति चंद्र मोहन ठाकुर, महा सचिव राज्य ठोडा एवं सांस्कृतिक महा संघ ओ.पी मेहता व विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।