शिमला। केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला में वार्षिक दिवाली मेले का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्थान के 200 से अधिक कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले ने संस्थान के सभी सदस्यों को दीपावली के पावन पर्व को सामूहिक रूप से मनाने तथा आपसी सौहार्द, भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
मेले का शुभारंभ श्रीमती नीलम सिंह, संस्थान की प्रथम महिला द्वारा किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध व्यंजनों का आनंद भी लिया। मेले के प्रमुख आकर्षणों में रस्साकशी, तंबोला और म्यूजिकल चेयर सहित विभिन्न मनोरंजक एवं खेल प्रतियोगिताएं रहीं।
रस्साकशी प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में कुलदीप की टीम ने जीत हासिल की, जबकि महिला वर्ग में भावना की टीम विजेता रही। स्कूटर रेस प्रतियोगिता में संजय कुमार ने प्रथम, डॉ. अविनाश चन्द्र राय ने द्वितीय तथा राजदीप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बच्चों के लिए दो आयु वर्गों में चम्मच-नींबू दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग में कनिष्का ने प्रथम, शनाया ने द्वितीय तथा हितविका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार, 6 से 11 वर्ष आयु वर्ग में ईशिता प्रथम, सृजल द्वितीय तथा अथर्व तृतीय स्थान पर रहे। मेले में विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं व्यावसायिक संस्थानों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जहां विभिन्न प्रकार के उत्पादों एवं खाद्य पदार्थों की बिक्री की गई। इन स्टॉलों पर कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने खूब खरीदारी की और मेले का भरपूर आनंद उठाया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने सभी कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन संस्थान परिवार के सदस्यों को एक सूत्र में बांधने तथा उनमें आपसी सहयोग, सौहार्द और अपनत्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि खेलकूद की गतिविधियां न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि इनके माध्यम से खेल भावना, टीम भावना और सामूहिक रूप से कार्य करने की क्षमता का भी विकास होता है। दिवाली मेले का समापन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने संस्थान के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के बीच एकता, आपसी सहयोग और सामूहिक सहभागिता की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।




