लखनऊ: उत्तर प्रदेश में छह महीने के भीतर होने वाले विधा नसभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने जन संवाद के लिए 12 अक्टूबर से ‘समाजवादी विजय यात्रा’ निकालने की घोषणा की है. सपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अखिलेश यादव की पहली क्रांति यात्रा 31 जुलाई, 2002 को शुरू हुई और उसके बाद उन्होंने क्रांति रथ यात्रा समेत कई यात्रा निकालीं. अखिलेश एक बार फिर पूरे यूपी के सभी 75 जिलों में समाजवादी विजय यात्रा पर निकलेंगे.
‘किसानों को सम्मान नहीं मिल रहा’
यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा, जनता बीजेपी की सरकार (BJP Government) से निराश है और यहां के किसानों को सम्मान नहीं मिल रहा है इसलिए समाजवादी पार्टी की विजय यात्रा निकाली जा रही है. उत्तर प्रदेश की जनता न्याय चाहती है. अखिलेश ने कहा, यह समाजवादी पार्टी विजय रथ महिलाओं को सम्मान दिलाने का रथ है. युवा, नौजवानों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए लेकिन इस सरकार में नौकरियां चली गईं. समाजवादी सरकार की कोशिश होगी कि खत्म हो रहीं नौकरियों को दोबारा नौजवानों को दिया जाए.
‘400 सीटें भी जीत सकती है सपा’
सपा अध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, छोटे-छोटे उद्योग जो कोरोना (Corona) में बर्बाद हो गए वह दोबारा चल सकें. लोगों के जीवन में भी बदलाव आए इसलिए समाजवादी पार्टी विजय यात्रा निकाली जा रही है. उन्होंने कहा, अंग्रेजों ने भी इस तरह का अत्याचार नहीं किया जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है. समाजवादी पार्टी की कोशिश होगी कि सभी समस्याओं का समाधान करें. अखिलेश ने सपा सरकार आने का दावा करते हुए कहा जिस तरीके से दिल्ली और लखनऊ की सरकारें चली हैं हो सकता है समाजवादी पार्टी को 400 सीटें भी जिता दे जनता.
‘नए कृषि कानून रद्द हों’
अखिलेश ने कहा, जैसे ही सरकार बनी भाजपा ने अपना घोषणा पत्र कूड़ेदान में डाल दिया. जनता सरकार से जानना चाहती है जो वादे संकल्प पत्र में किए उनका क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि महंगाई बढ़ गई. जिन किसानों ने मांग की कि उनकी आय दोगुनी की जाए उन पर ऐसा काला कानून लाद दिया गया कि वो भविष्य में अपने ही खेत में मजदूर बन जाए. ये काले कृषि कानून किसानों का भविष्य खत्म कर देंगे इसलिए इन्हें खत्म किया जाना चाहिए.
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लखीमपुर खीरी हिंसा पर सरकार को घेरा
लखीमपुर खीरी हिंसा पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश ने कहा, ये घटना इतनी दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितनी निंदा की जाए कम है. दुनिया में कहीं ऐसा नहीं हुआ होगा जहां अन्नदाता के ऊपर गाड़ी चढ़ाई गई हो. राज्य मंत्री ने ऐलान किया कि किसान जानते नहीं है कि वे देश का गृह राज्य मंत्री हैं, उसके बाद उनके बेटे व उसके साथी और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी. अखिलेश ने मांग की कि इस मामले में गृह राज्य मंत्री और उनके बेटे को जेल भेजा जाए. जब तक गृह राज्य मंत्री की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक मामले में न्याय नहीं हो सकेगा.
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