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March 17, 2026 5:35 pm

केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि संकट कम करने के लिए प्रतिबद्ध : सुरेश कश्यप

पीएम-किसान के तहत हिमाचल के किसानों को ₹373 करोड़ से अधिक की सहायता, फसल बीमा में ₹376 करोड़ का भुगतान

शिमला, भाजपा लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप द्वारा लोकसभा में हिमाचल प्रदेश में कृषि संकट और किसानों की स्थिति से जुड़े मुद्दे को उठाने पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक आपदाओं से राहत देने और कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए कई योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान कर रही है।
सांसद सुरेश कश्यप ने अपने प्रश्न के माध्यम से सरकार से यह जानकारी मांगी थी कि क्या हिमाचल प्रदेश, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि और जंगली जानवरों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से किसान प्रभावित हो रहे हैं तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश में अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को नुकसान होने की संभावना रहती है। ऐसी परिस्थितियों में राहत उपलब्ध कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है, जबकि केंद्र सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहयोग प्रदान करती है।
केंद्र सरकार के अनुसार शिमला संसदीय क्षेत्र में लगभग 2,06,563 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जाती है, जबकि इस क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों की संख्या 2,60,515 है। इस क्षेत्र में प्रमुख फसलों में मक्का (49,456 हेक्टेयर), गेहूं (50,277 हेक्टेयर), धान (9,933 हेक्टेयर), जौ (4,385 हेक्टेयर), आलू (7,500 हेक्टेयर) और सब्जियां (41,597.5 हेक्टेयर) शामिल हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से राहत के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (NDRF) और राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) के माध्यम से सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। वर्ष 2025-26 के लिए SDRF के तहत हिमाचल प्रदेश को केंद्र की ओर से ₹397.60 करोड़ और राज्य हिस्से के रूप में ₹44 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनमें से केंद्र का हिस्सा पहले ही जारी किया जा चुका है।
राज्य सरकार की जानकारी के अनुसार वर्ष 2023-24 में 2,564 फसल क्षति के मामले दर्ज किए गए, जिनमें राहत के रूप में ₹136.72 लाख की राशि वितरित की गई। वहीं वर्ष 2025-26 में अब तक 356 फसल क्षति के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को फसल नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक हिमाचल प्रदेश के 5,79,605 किसानों के दावों के लिए ₹376.79 करोड़ का भुगतान किया गया है। इनमें से केवल शिमला संसदीय क्षेत्र के 54,935 किसानों को ₹47.58 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत भी किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश के किसानों को अब तक ₹373.32 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 2025-26 की 22वीं किस्त के रूप में 81,852 किसानों को ₹16.37 करोड़ की राशि प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं से शिमला संसदीय क्षेत्र के हजारों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार इन योजनाओं के तहत लाभान्वित किसानों की संख्या वर्ष 2021-22 में 36,163, 2022-23 में 39,207, 2023-24 में 39,791, 2024-25 में 42,829 और 2025-26 में 47,443 रही है।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, कृषि अवसंरचना कोष, किसान उत्पादक संगठन (FPO), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और प्राकृतिक खेती मिशन जैसी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता, फसल सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिल रही है।