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May 21, 2026 2:51 pm

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शिमला पर्यटन सीजन में कूड़े के ढेरों में डूबा, कांग्रेस सरकार सफाई कर्मचारियों को निकालने में व्यस्त : कर्ण नंदा

कोविड योद्धाओं का अपमान कर रही सुक्खू सरकार, शिमला में महामारी जैसे हालात बनने का खतरा : भाजपा
शिमला, 21 मई 2026
भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शिमला नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में हर वर्ग परेशान है और अब कांग्रेस ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कोविड योद्धाओं को भी सड़कों पर लाने का काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा 41 कर्मचारियों को नौकरी से निकालना और 270 आउटसोर्स कर्मचारियों को बदलने का फैसला कांग्रेस सरकार की संवेदनहीन, तानाशाही और कर्मचारी विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है। जिन कर्मचारियों ने महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना शिमला शहर को स्वच्छ रखने का कार्य किया, आज उन्हीं कर्मचारियों को अपमानित कर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
कर्ण नंदा ने कहा कि पिछले छह दिनों से शिमला शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। शहर के कई क्षेत्रों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम जनता और पर्यटक दोनों परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पर्यटन सीजन के दौरान पूरा शिमला गंदगी से अटा पड़ा है, लेकिन कांग्रेस सरकार समस्या का समाधान निकालने की बजाय कर्मचारियों पर दमनात्मक कार्रवाई करने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेरों में बंदर और आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, जो कभी भी लोगों पर हमला कर सकते हैं। इसके साथ ही शहर में महामारी फैलने का भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सरकार ने इस मामले में संज्ञान नहीं लिया तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार संवाद और समाधान की राजनीति करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। कर्मचारियों की जायज मांगों को सुनने और बातचीत करने की बजाय उन्हें डराने, दबाने और नौकरी से हटाने की राजनीति की जा रही है। नगर निगम प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जब नगर निगम कूड़ा उठाने के बिलों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकता है तो वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में वृद्धि क्यों नहीं की जा सकती। जब इस सोसाइटी की स्थापना हुई थी, उसी समय यह नीति बनाई गई थी कि समय-समय पर कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन कांग्रेस शासित नगर निगम अब उसी नीति से पीछे हट रहा है।
भाजपा मीडिया संयोजक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की दलित विरोधी मानसिकता भी लगातार सामने आ रही है। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर जब भाजपा पार्षद और कर्मचारी महापौर कार्यालय पहुंचे तो उनके साथ किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान था। भाजपा इस प्रकार के अपमानजनक व्यवहार को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले कर्मचारियों को झूठे आश्वासन देती है और बाद में उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करती है। आज प्रदेश का कर्मचारी, युवा, किसान, व्यापारी और आम जनता हर वर्ग कांग्रेस सरकार से परेशान है। शिमला की बदहाल सफाई व्यवस्था सुक्खू सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।
कर्ण नंदा ने कहा कि भाजपा कर्मचारियों, दलित समाज और आम जनता के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए, उनकी जायज मांगों को माना जाए और शिमला शहर को गंदगी और महामारी के खतरे से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।