परमपूज्य सुधांशु जी महाराज के प्रवचनों ने दिया स्वास्थ्य, सकारात्मकता और सेवा का संदेश

विश्व जागृति मिशन, शिमला द्वारा आयोजित दिव्य गीता सत्संग में आज भारी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों एवं नेताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को परमपूज्य श्री सुधांशु जी महाराज के दिव्य प्रवचनों को सुनने एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में सुधांशु जी महाराज ने जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तम आहार, पर्याप्त नींद (7-8 घंटे), तनावमुक्त जीवन और नियमित दिनचर्या व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने प्रकृति के बीच समय बिताने, हृदय को स्वस्थ रखने और क्षमा भाव अपनाने का संदेश दिया।महाराज जी ने पारिवारिक जीवन को सुखद एवं प्रेमपूर्ण बनाने पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए। उन्होंने घर में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्था, धूप-दीप, भजन-कीर्तन और नाम जप के माध्यम से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने समाज सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय निकालकर जरूरतमंदों, गरीबों और असहाय लोगों की सहायता करनी चाहिए। यही सेवा व्यक्ति के दुर्भाग्य को दूर कर उसके जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।
गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा योगी वही है जो सभी प्राणियों में एक समान आत्मा का दर्शन करता है और सभी के प्रति समान भाव रखता है। उन्होंने सनातन जीवन दर्शन की महत्ता बताते हुए अहिंसा, करुणा और समदृष्टि को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने इस दिव्य सत्संग को जीवन के लिए मार्गदर्शक बताते हुए विश्व जागृति मिशन का आभार व्यक्त किया।
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