सबकी खबर , पैनी नज़र

August 15, 2026 8:50 pm

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ऐतिहासिक रिज मैदान पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जिला स्तरीय कार्यक्रम, शिक्षा मंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

शिमला :15 अगस्त 2026,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था से शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर हिमाचल, प्रदेश सरकार की प्राथमिकताएं – रोहित ठाकुर

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ध्वजारोहण किया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली।
इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है और ग्रामीण जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा कृषि एवं बागवानी से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वर्तमान में गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का लगभग 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार कृषि उत्पादों के लिए समर्थन मूल्य की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बागवानी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार का सपना हिमाचल प्रदेश को देश के ‘फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित करना था। इसी दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। यूनिवर्सल कार्टन लागू करने से विशेष रूप से लघु एवं सीमांत बागवानों को लाभ मिलेगा। मिड-हिल और बायोडा क्षेत्रों में बागवानी के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देकर मछुआरों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा में सुधार और रैंकिंग में उल्लेखनीय प्रगति
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने पदोन्नतियों और रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। लंबे समय से लंबित डिप्टी डायरेक्टर स्तर की पदोन्नति की गई तथा महाविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के प्रयास किए गए।उन्होंने कहा कि कभी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए देशभर में पहचान रखने वाला हिमाचल प्रदेश 2021 के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पिछड़ गया था। सरकार के पिछले साढ़े तीन वर्षों के प्रयासों का परिणाम है कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्यों की तुलना में हिमाचल को तीसरा स्थान तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मिलित कर, किए गए आकलन में 05वां स्थान प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
इसी प्रकार परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी हिमाचल की स्थिति में सुधार हुआ है। राज्यों की तुलना में प्रदेश को 03 स्थान तथा केंद्र शासित प्रदेशों सहित तुलना में 06 स्थान मिलने की बात कही गई। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों, अधिकारियों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को दिया।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा कई स्थानों पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। पुराने स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का उल्लेख करते हुए इनके आधुनिकीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने की दिशा में भी सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
साक्षरता में हिमाचल की ऐतिहासिक उपलब्धि
उन्होंने कहा कि आजादी के समय हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर 05 प्रतिशत से भी कम थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित कनेक्टिविटी के बावजूद प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में हिमाचल प्रदेश और गोवा को पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि शिक्षा विभाग, शिक्षकों और समस्त हिमाचल वासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
पर्यावरण संरक्षण और वन क्षेत्र बढ़ाने पर जो
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने तथा वन क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की गई है। योजना के माध्यम से महिला मंडलों और युवक मंडलों को भी वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में से एक है और इसके वन क्षेत्र का संरक्षण प्रदेश के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सड़क और विद्युत क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति
उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश के लिए सड़क और कनेक्टिविटी का विशेष महत्व है। सड़कें प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के शुरुआती दौर में प्रदेश के केवल कुछ ही शहरों और सीमित गांवों में बिजली उपलब्ध थी। हिमाचल प्रदेश ने 1988 में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया। वर्तमान में प्रदेश के 21 हजार से अधिक गांवों और 3,758 पंचायतों तक बिजली पहुंच चुकी है।
आत्मनिर्भर हिमाचल और कर्मचारियों के हित में निर्णय
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देना सरकार के चुनावी घोषणा-पत्र की प्रमुख प्रतिबद्धताओं में शामिल था। इसके लागू होने से लगभग 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात उन्होंने कही।
नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान का आह्वान
हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीर भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे की बढ़ती कुरीति चिंता का विषय है। सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से नशे की कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य करेगी।

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों, प्रदेश वासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक तथा जिला के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुंदर एवं गरिमापूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यतिथि ने किया परेड का निरीक्षण
मुख्य अतिथि ने भव्य परेड का निरीक्षण किया। परेड का नेतृत्व निरीक्षक आशीष कौशल ने किया। जिला पुलिस की टुकड़ी ने ए.एस.आई विजय प्रकाश, जिला पुलिस महिला विंग का नेतृत्व ए.एस.आई शैलजा, हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक टुकड़ी पुरुष विंग की टुकड़ी प्लाटून कमांडर सोम राज शर्मा और महिला टुकड़ी हेड कांस्टेबल लीला वती, यातायात पुलिस की टुकड़ी ए.एस.आई विनोद कुमार, एनसीसी गर्ल्स कैडेट कुकी चौहान, एनसीसी बॉयज कैडेट सूरज, एनसीसी की टुकड़ी टिया शर्मा, एनएसएस बॉयज स्वयंसेवक गौरव, एनएसएस गर्ल्स स्वयंसेवक आदित्य, भारत स्काउट एंड गाइड (बॉयज) का दल कान्हा, भारत स्काउट एंड गाइड ( गर्ल्स) दल साहिना ठाकुर, आपदा मित्र का दल विशाल ठाकुर और हिमाचल प्रदेश पुलिस बैंड निरीक्षक बलिंद्र सिंह के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया।

इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यतिथि ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने पर अंबी लाल उप-निरीक्षक, नवीन शर्मा उप-निरीक्षक, अनुपम कुमार मुख्य आरक्षी, जगदीश सिंह मुख्य आरक्षी और अशोक कुमार आरक्षी को सम्मानित किया।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत, छात्रों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह को आकर्षित बनाने के दृष्टिगत विभिन्न रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। सांस्कृतिक प्रस्तुति में राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्राओं द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सन्देश पर आधारित किन्नौरी नृत्य, राजीव गाँधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के विद्यार्थियों द्वारा चिट्टा मुक्त हिमाचल सन्देश पर नाटी, नृत्य कला केंद्र शोघी के कलाकारों द्वारा सोलन गिद्दा, डाइट शामलाघाट के विद्यार्थियों द्वारा हिमाचली नाटी, सम्भोता तिब्बतन स्कूल द्वारा याक और सिंह नृत्य तथा जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय फाइन आर्ट्स शिमला के छात्रों द्वारा देशभक्ति आधारित समूह गान व समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि रोहित ठाकुर द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत करने वाले सभी दलों को 5-5 हज़ार रूपए की राशि व प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह भी रहे मौजूद
विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, चेयरमैन हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन बुद्धि सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छजटा, चेयरमैन द कैलाश फेडरेशन बलदेव ठाकुर, निदेशक हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक हरिकिशन हिमराल, नगर निगम शिमला के पार्षदगण, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त सचिन कँवल, अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम शहरी सन्नी शर्मा सहित अन्य गणमान्य और अधिकारी भी मौजूद रहे।