सबकी खबर , पैनी नज़र

October 9, 2026 9:39 pm

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प्रोजेक्ट प्रगति’ के लिए शूलिनी यूनिवर्सिटी को ग्लोबल ICF अवॉर्ड

Strap: कोचिंग और उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
सोलन, 9 अक्टूबर 2026, शूलिनी यूनिवर्सिटी को ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल ‘प्रोजेक्ट प्रगति’ के लिए वर्ष 2026 का इंटरनेशनल कोचिंग फेडरेशन (ICF) कोचिंग इम्पैक्ट अवॉर्ड मिला है। यूनिवर्सिटी को यह सम्मान ‘सोशल इम्पैक्ट’ श्रेणी में ‘डिस्टिंग्विश्ड कोचिंग कैटलिस्ट’ के लिए दिया गया। इस पुरस्कार के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद करने और स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों को वैश्विक पहचान मिली है।
‘प्रोजेक्ट प्रगति’ के तहत पेशेवर कोच, छात्र मेंटर और 27 ग्रामीण महिलाओं को एक साथ जोड़ा गया। इन महिलाओं को ‘सखी’ कहा जाता है। इस पहल का उद्देश्य उन्हेंआजीविका के नए अवसर तलाशने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करना है। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और सहयोग से ग्रामीण महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचानकर व्यक्तिगत विकास और सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।
कार्यक्रम में तीन समूहों ने मिलकर काम किया। ‘सारथी’ पेशेवर ICF कोच थे, जिन्होंने महिलाओं को व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया। ‘सहयोगी’ छात्र और मेंटर थे, जिन्होंने उन्हें मार्गदर्शन और व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी सहायता दी। वहीं, ‘सखी’ वे ग्रामीण महिलाएं थीं, जिनकी आकांक्षाएं और उद्यम शुरू करने की कोशिशें इस पहल के केंद्र में रहीं।
इस पुरस्कार ने शूलिनी यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग (CLC) के कार्यों को भी पहचान दिलाई है। सेंटर का नेतृत्व वाइस-चांसलर प्रो. अतुल खोसला के मार्गदर्शन में प्रो. पायल खन्ना कर रही हैं। वर्ष 2021 से अब तक सेंटर के कोचिंग नेटवर्क ने 22 देशों के 369 कोचों के माध्यम से 1,400 से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाई है। इसके साथ ही, सेंटर ने कोचिंग को जरूरतमंद समुदायों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है।शूलिनी यूनिवर्सिटी  वाइस-चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि यह पुरस्कार यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है और कक्षा से बाहर भी शिक्षा को सार्थक बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। “प्रोजेक्ट प्रगति हमारे आसपास के समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाने का हमारा मिशन है। हमारा हमेशा से मानना रहा है कि विश्वविद्यालयों को केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को अपनी क्षमताएं पहचानने और अपना भविष्य संवारने के अवसर भी देने चाहिए। यह पुरस्कार दिखाता है कि जब शिक्षा, कोचिंग और समाज के साथ मिलकर काम करने की भावना एक साथ आती है, तो सार्थक बदलाव लाए जा सकते हैं।” उन्होंने कहा।
सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की प्रमुख प्रो. पायल खन्ना ने इस सम्मान को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।  “मैं इस सम्मान को गहरी कृतज्ञता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वीकार करती हूं। शुरुआत में फाइनलिस्ट के रूप में मेरा नाम था, लेकिन अंतिम पुरस्कार शूलिनी यूनिवर्सिटी –प्रोजेक्ट प्रगति के नाम से मिला। यह बदलाव मेरे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि यह काम कभी केवल मेरा नहीं था। यह उन 27 महिलाओं का है, जिन्होंने विश्वास किया कि वे कुछ और बेहतर कर सकती हैं; उन कोच और मेंटर का है, जिन्होंने इस सफर में उनका साथ दिया; और उस संस्थान का है, जिसने इस सोच को साकार करने का अवसर दिया।” उन्होंने कहा।
वर्ष 2026 के ICF कोचिंग इम्पैक्ट अवॉर्ड्स में चार श्रेणियों कोच, कोचिंग एजुकेशन, संगठन और सामाजिक प्रभाव में योगदान को सम्मानित किया गया। सामाजिक प्रभाव श्रेणी में शूलिनी यूनिवर्सिटी  प्रोजेक्ट प्रगति को ‘डिस्टिंग्विश्ड कोचिंग कैटलिस्ट’ अवॉर्ड मिला, जबकि अर्जेंटीना की संस्था Fundación Multipolar की पहल ‘Coaching en Zapatillas’ को ‘इमर्जिंग कोचिंग कैटलिस्ट’ सम्मान दिया गया। पुरस्कार समारोह अक्टूबर 2026 में पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में आयोजित हुआ।