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January 25, 2026 1:47 am

माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने लेबरर्स को आवश्यकशीतकालीन सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए

शिमला, 24 दिसंबर 2025,
माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सीमा सड़क संगठन (BRO) की परियोजना दीपक के अंतर्गत भारत–चीन सीमा सड़कों पर कार्यरत कैजुअल पेड लेबरर्स को आवश्यक शीतकालीन सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) एवं  दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन सम्बन्धित भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित मानवीय एवं श्रमिक–हितैषी आदेश का हार्दिक स्वागत करती है तथा CWP नं. 727/2025, दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन बनाम भारत संघ एवं अन्य, में 22-12-2025 को माननीय श्री न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल द्वारा पारित आदेश पर गहन संतोष व्यक्त करती है।

माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष यह रिट याचिका यूनियन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें परियोजना दीपक, सीमा सड़क संगठन (BRO) के अंतर्गत कार्यरत कैजुअल पेड लेबरर्स (CPLs) की अत्यंत कठोर, जोखिमपूर्ण एवं जीवन के लिए खतरा उत्पन्न करने वाली कार्य परिस्थितियों को उजागर किया गया था। परियोजना दीपक की स्थापना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हिंदुस्तान–तिब्बत पर्वतीय सड़कों एवं पुलों के निर्माण और रखरखाव हेतु की गई है, जिनमें हिमाचल प्रदेश की भारत–चीन सीमा से लगी महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। इनमें पवारी से पूह–शिपकिला, पूह से समदो–कौरिक–लापचा–बारियोग (चीन सीमा), समदो–मुरमु–डोगरी, समदो–काजा–कुंजुम पास तथा जिला किन्नौर एवं लाहौल–स्पीति के अन्य दुर्गम क्षेत्र शामिल हैं, जो समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट तक की ऊँचाई पर स्थित हैं।
शीत ऋतु के दौरान इन बर्फीले क्षेत्रों में तापमान –5°C से –40°C तक गिर जाता है, जिससे जीवन यापन स्वयं में अत्यंत कठिन हो जाता है। इसके बावजूद, GREF, BRO की 68 एवं 108 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनियों के अंतर्गत लगभग 2,800 CPLs दूरदराज़, दुर्गम एवं खतरनाक क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जहाँ बुनियादी नागरिक एवं चिकित्सीय सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं।

माननीय न्यायालय के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में, कार्यपालक अभियंता (सिविल), अधिकारी कमांडिंग, पवारी व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुए और अवगत कराया कि 2,575 CPLs में से 2,292 श्रमिकों को शीतकालीन जैकेट प्रदान की जा चुकी हैं तथा अनेक श्रमिकों को गम बूट, सर्दियों के मोज़े एवं टोपी भी उपलब्ध कराई गई है। तथापि, माननीय न्यायालय ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि शीतकालीन वस्त्र एवं सुरक्षात्मक उपकरण कोई विलासिता नहीं बल्कि अनिवार्यता हैं, विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए जो देश के सबसे कठोर भूभागों में सामरिक सीमा सड़कों का रखरखाव करते हैं।

माननीय न्यायालय ने दृढ़तापूर्वक यह निर्णय दिया कि:

i. कैजुअल पेड लेबरर्स को अपने कर्तव्यों का सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण निर्वहन करने हेतु बुनियादी शीतकालीन सुविधाओं का अधिकार है।

ii. यदि सीमा सड़कें सुचारू एवं अच्छी स्थिति में रखी जानी हैं, तो उनका रखरखाव करने वाले श्रमिकों की स्वयं पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

iii. नियोक्ता पर ऐसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का स्पष्ट दायित्व है।
अतः माननीय न्यायालय ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक कैजुअल पेड लेबरर को भीषण शीत परिस्थितियों के दौरान निम्नलिखित सुविधाएँ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएँ:
“विंटर जैकेट, ऊनी टोपी, दस्ताने, गम बूट, विंटर ट्राउज़र, रेन कोट तथा स्वयं को गर्म रखने हेतु केरोसिन तेल की पर्याप्त आपूर्ति।”

माननीय न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि 17 दिसंबर 2025 को अधीक्षण अभियंता (सिविल), कमांडर (सिविल), परियोजना दीपक द्वारा शीतकालीन सुविधाओं हेतु उठाई गई माँग को शीघ्रता से पूरा किया जाए, यह टिप्पणी करते हुए कि शीत ऋतु के समाप्त होने के बाद ऐसी वस्तुएँ उपलब्ध कराने का कोई औचित्य नहीं होगा।
इस मामले को 07 जनवरी 2026 के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिस दिन प्रतिवादियों को माननीय न्यायालय को यह सूचित करना होगा कि श्रमिकों को वास्तव में कौन–कौन सी वस्तुएँ प्रदान की गई हैं। आगामी तिथि पर अधिकारी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) इस आदेश को सीमा सड़क श्रमिकों के जीवन, स्वास्थ्य, गरिमा, सुरक्षा एवं कल्याण की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानती है, जो अत्यंत कठिन जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। INTUC को आशा एवं विश्वास है कि संबंधित प्राधिकरण माननीय न्यायालय के निर्देशों को बिना किसी विलंब के पूर्ण निष्ठा एवं भावना के साथ लागू करेंगे।
INTUC, अपने प्रिय राज्य अध्यक्ष एवं विधायक श्री बावा हरदीप सिंह जी के गतिशील नेतृत्व में, श्रमिकों के वैध अधिकारों की रक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध है तथा माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त करती है।

1. बिहारी सेवगी,
उपाध्यक्ष,
भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC),
कार्यकारिणी समिति, हिमाचल प्रदेश
एवं
प्रभारी, सीमा सड़क संगठन,
दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन
(इंटक )

2. बी एस चौहान
महामंत्री
इंटक HP

3. पूरन चंद
उपाध्यक्ष
इंटक HP