Madhepura: मधेपुरा न्यायालय (Madhepura District Court) की विशेष अदालत ने 32 साल पुराने अपहरण के एक मामले में जाप सुप्रीमो सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव (Pappu Yadav) को रिहा करने के आदेश दे दिए हैं. आज सोमवार को अंतिम फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष अदालत (MP/MLA cases) मधेपुरा निशिकांत ठाकुर ने पप्पू यादव को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने के आदेश दिए.
बता दें कि पप्पू यादव को 32 साल पुराने अपहरण के एक मामले में 11 मई को पटना से गिरफ्तार किया था. 11 मई को पटना में जाप सुप्रीमो सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें उसी दिन देर रात मधेपुरा में एसीजेएम के न्यायालय में प्रस्तुत किया था. जहां से कोर्ट ने उन्हें रिमांड कर बीरपुर उपकारा भेज दिया था. उनकी मांग पर मधेपुरा न्यायालय ने उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सुविधा प्रदान करने का आदेश जेल प्रशासन को दिया था.
इंसाफ हुआ, षड्यंत्र बेनकाब हुआ। जनता के आशीर्वाद से आज बाइज्जत बरी हो गया। साबित हो गया फर्जी मुकदमा में मुझे कैद किया गया था। न्यायालय के प्रति आभार!
मैं रुकूंगा नहीं, झुकूंगा नहीं, थकूंगा नहीं, लड़ता रहूंगा! आज से फिर संघर्ष पथ पर आगे बढूंगा।
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) October 4, 2021
जिसके बाद मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर उन्हें डीएमसीएच भेजा गया था. तब से लेकर अभी तक पप्पू यादव न्यायिक अभिरक्षा में ही हैं. इस बीच उनकी जमानत की अर्जी मधेपुरा के एसीजेएम कोर्ट में खारिज होने के बाद जिला न्यायाधीश ने भी उनकी अर्जी खारिज कर दी थी. उनकी जमानत याचिका भी उच्च न्यायालय में लंबित है.
परन्तु मधेपुरा के न्यायालय में लंबित पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव के खिलाफ उनकी उपस्थिति पूर्ण होते ही GR No. 68/ 1989 (Murliganj P.S. case No. 09/1989) में ट्रायल आरम्भ हो गया और गत 24 सितम्बर को MP/ MLA के मामलों को देखने के लिए बनाये गए एडीजे-3 सह विशेष न्यायाधीश की कोर्ट ने उनका बयान दर्ज किया और फिर गत 30 सितम्बर को कोर्ट में बहस की प्रक्रिया पूरी हुई. उसके बाद आज मामले में निर्णय सुना दिया और उन्हें रिहा करने के आदेश दे दिए गए. इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से डीएमसीएच ले जाया गया है. उम्मीद है कि सभी बाकी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आज देर शाम वे न्यायिक अभिरक्षा से बाहर होंगे.
(शंकर कुमार)








