शिमला 27 अप्रैल, 2026, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) शिमला के तत्वावधान में गठित राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) समिति द्वारा जिले में चल रहे विभिन्न भूस्खलन न्यूनीकरण कार्यों की प्रगति एवं निधि उपयोग का विस्तृत आंकलन किया गया। यह निरीक्षण ज्योति राणा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी, DDMA शिमला के निर्देशन में संपन्न हुआ। दल ने संबंधित स्थलों का दौरा कर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें एडवांस स्टडी चौक से बालूगंज चौक तक सड़क पर भूस्खलन न्यूनीकरण उपाय और गुम्मा-पुजालीबागी सड़क की सुरक्षा हेतु भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य, गुम्मा-बागी-नारकंडा सड़क (MDR-54) पर भूस्खलन न्यूनीकरण उपाय शामिल रहा। समिति ने परियोजनाओं के कार्यान्वयन में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
ज्योति राणा ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं को कम करना तथा आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और निधि का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जिला प्रशासन आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी।
इस दौरान लोक निर्माण विभाग (HPPWD) के सभी सर्कल के अधीक्षण अभियंता (SE), जल शक्ति विभाग (JSV) शिमला एवं रामपुर सर्कल के प्रतिनिधि तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) उपस्थित रहे।








