आज इंडियन नेशनल कैलेंडर के अनुसार राष्ट्रीय सौर दिनांक INC 05 माघ 1944
???????? आज ग्रेगोरियन अंग्रेजी दिनांक 25 जनवरी 2023
???????? इसका प्रयोग हमें चैक,NEFT, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, आदि पर
अंग्रेजी में चेक लिखना हो तब INC 05 MAGH 1944
हिंदी में चेक भरना हो तब
राष्ट्रीय सौर 05 माघ 1944 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???????? National identity element 10 National aquatic animal = ganges river dolphin. 11 National bird =Indian peacock.12 National currency= Indian rupee.13 National reptile =King cobra
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 05 माघ 1944 (5124)???? ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5124 माघ मासे (वैदिक नाम तप मासे) दिनांक 05 बुध वासरे ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ) पूजा अहम् करिष्यामी ???????? राष्ट्रीय शक् संवत् (सन्)1944
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2079
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5124
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5249
???? श्री राम संवत्(सन्) 880165
???? सृष्टि संवत् 1955885123???? संवत्सर नल ???? उत्तरायण
???? ऋतु शिशिर
???? यजुर्वेद के अनुसार इस महीने का नाम तप मास है
???? प्रकृति ब सौर अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार इस महीने का नाम =माघ मास (तप मास) (इससे अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष यान विमान इसी के आधार पर भेजे जाते हैं। ऋतुओं, दिनांक तारीख Dates, नववर्ष का निर्धारण होता है , इसके अनुसार दिनांक रात के 12:00 बजे बदल जाती है)
???? सूर्य संक्रांति के अनुसार इस महीने का नाम = माघ (इससे त्योहार पर्व विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, आदि के मुहूर्त , इसके अनुसार प्रविष्टे सूर्य उदय से आरंभ होती है)
???? चन्द्र के अनुसार महीने का नाम = माघ (इसके अनुसार समुद्री यात्राएं , श्राद्ध-तर्पण, व्रत उद्यापन का निर्णय होता है, इसके अनुसार तिथि सूर्य उदय से मान्य होती है)
???? चन्द्र के अनुसार महीना माघ पक्ष शुक्ल
???? तिथि चतुर्थी दोपहर 12:34 तक तदुपरांत पंचमी तिल चतुर्थी गणेश चतुर्थी का व्रत आज ही है
???? वार बुध वार
???? नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद रात्रि 8:04 तक तदुपरांत उत्तराभाद्रपद
???? दिनमान 26 घटी 25 पल (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 7:17 सूर्य अस्त 5:50
???? मकर राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 12
???? दिशाशूल उत्तर (यदि यात्रा आवश्यक हो तो धनिया या तिल खाकर घर से निकले)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर : to :
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 12:33 pm से 01:53 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।???? गंडमूल 26 जनवरी शाम 6:56 से 28 जनवरी शाम 7:05 मिनट तक
???? गुप्त नवरात्र प्रारंभ 22 जनवरी रविवार (गुप्त नवरात्र में पूजा इस प्रकार छुपा कर करना चाहिए जिस प्रकार हम अपने गुप्तांगों को छुपाते हैं. गुप्त नवरात्र के विषय में आपके गुरु को, आप स्वयं को बआपके इष्ट को ही पता होना चाहिए कि आपने गुप्त नवरात्र रखे हैं। घर में भी कभी किसी को बताना नहीं चाहिए कि मैंने नवरात्रे रखे हैं कोई खेत्री नहीं कोई शोर शराबा नहीं कोई विस्तृत रूप से कन्या पूजन नहीं, ऐसे ही किसी कन्या को कुछ खाने को दे दिया। ऐसा निर्देश मेरे गुरु महाराज का व्यक्तिगत तौर पर है मेरे गुरुजी राम भक्त हैं जब वे भौतिक शरीर से थे तब उनके शिष्यों को भी यह ज्ञात नहीं होता था कि गुरु महाराज ने गुप्त नवरात्र किए हुए हैं)???? तिल वरद्चतुर्थी 25 जनवरी बुधवार
???????? बसंत पंचमी, श्री पंचमी, सरस्वती पूजा, तक्षक पूजा ब राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस 26 जनवरी गुरुवार
???? भीम अष्टमी 29 जनवरी रविवार
???? जया एकादशी व्रत, भीमसेनी ग्यारस 1 फरवरी बुधवार
???? पंचक 23 जनवरी दोपहर 1:53 से 27 जनवरी शाम 6:36 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 26 जनवरी शाम 6:56 से 28 जनवरी प्रातः 7:15 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 30 जनवरी रात्रि 10:14 से 31 जनवरी प्रातः 7:14 तक
???? अमृत सिद्धि योग 27 जनवरी प्रातः 7:16 से शाम 6:36 तक (इस समय किया गई कार्य ब दवाई अमृत के तुल्य काम करती है)
???? रवि पुष्य योग 5 फरवरी प्रातः 7:11 से दोपहर 12:12 तक
???? द्विपुष्कर योग 19 जनवरी 00:28 am से 8:07 am तक(इस समय में किया गया कार्य दोगुना होता है)
???? त्रिपुष्कर योग 13 फरवरी 2:26 am से 7:06 am तक (इस समय किया गया कार्य तीन गुना वृद्धि होता है)
???? ज्वालामुखी योग 27 फरवरी 00:58 am से 5:18 am तक ( इस समय किया हुआ कार्य सफल नहीं होता)

