सबकी खबर , पैनी नज़र

September 27, 2026 1:57 pm

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

September 27, 2026 1:57 pm

ॐश्री गणेशाय नमःॐ
आपका दिन मंगलमय हो आज का सनातन पञ्चाङ्ग

*✴️कलियुगाब्द – 5128*
*✴️संवत – रौद्र*
*✴️संवत्सर राजा –  गुरु*
*✴️संवत्सर मंत्री – मङ्गल*
*✴️दिनांक – 27 सितम्बर 2026*
*✴️दिन – रविवार*
*✴️विक्रम संवत् – 2083*
*✴️अयन – दक्षिणायण*
*✴️ऋतु – शरद*
*✴️मास – आश्विन 11*
*✴️पक्ष – कृष्ण*
*✴️तिथि – प्रतिपदा रात्रि 08:58 तक तत्पश्चात् द्वितीया*
*✴️नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद सुबह 11:08 तक तत्पश्चात् रेवती*
*✴️योग – वृद्धि सुबह 11:17 तक तत्पश्चात् ध्रुव*
*✴️राहुकाल – शाम 04:48 से शाम 06:18 तक*
*✴️सूर्योदय – 06:17*
*✴️सूर्यास्त – 06:18*
*✴️दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*✴️ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:41 से प्रातः 05:29 तक*
*✴️अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:54 से दोपहर 12:42 तक*
*✴️निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:54 से मध्यरात्रि 12:42 तक*
*✴️व्रत पर्व विवरण – प्रतिपदा श्राद्ध, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:17 से प्रातः 11:08 तक)*
*✴️विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🌞श्राद्ध में पालने योग्य नियम🌞*
*✴️26 सितम्बर 2026 शनिवार से महालय श्राद्ध आरम्भ होगा*
*✴️श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे ‘श्राद्ध’ कहते हैं।*
*✴️हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है।*
*✴️बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिण्डदान नहीं किया जाता।*
*✴️विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही संयमी, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दे। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।*
*✴️भोजन के लिए उपस्थित अन्न अत्यंत मधुर, भोजनकर्ता की इच्छा के अनुसार तथा अच्छी प्रकार सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। पात्रों में भोजन रखकर श्राद्धकर्ता को अत्यंत सुंदर एवं मधुर वाणी से कहना चाहिए कि ‘हे महानुभावो ! अब आप लोग अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करें।’*
*✴️श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य होते हैं वैसा ही होकर मिलता है। (विष्णु पुराणः 3.16,16)*
*✴️श्राद्धकाल में शरीर, द्रव्य, स्त्री, भूमि, मन, मंत्र और ब्राह्मण-ये सात चीजें विशेष शुद्ध होनी चाहिए।*
*✴️श्राद्ध में तीन बातों को ध्यान में रखना चाहिएः शुद्धि, अक्रोध और अत्वरा (जल्दबाजी नही करना)।*
*श्राद्ध में मंत्र का बड़ा महत्त्व है। श्राद्ध में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों न हो, लेकिन आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम अस्त-व्यस्त हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।*
*जिनकी देहावसना-तिथि का पता नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन करना चाहिए।*
*✴️हिन्दुओं में जब पत्नी संसार से जाती है तो पति को हाथ जोड़कर कहती हैः ‘मुझसे कुछ अपराध हो गया हो तो क्षमा करना और मेरी सदगति के लिए आप प्रार्थना करना।’ अगर पति जाता है तो हाथ जोड़ते हुए पत्नी से कहता हैः ‘जाने-अनजाने में तेरे साथ मैंने कभी कठोर व्यवहार किया हो तो तू मुझे क्षमा कर देना और मेरी सदगति के लिए प्रार्थना करना।’*
*✴️हम एक दूसरे की सदगति के लिए जीते जी भी सोचते हैं, मरते समय भी सोचते हैं और मरने के बाद भी सोचते हैं।*
*✴️श्राद्ध विशेष✴️*
*✴️पूर्वजों को पितर पक्ष में इस मंत्र के द्वारा सूर्य भगवान को अर्ध्य देने से यमराज प्रसन्न होकर पूर्वजों को अच्छी   जगह भेज देते हैं ।*
*✴️ॐ धर्मराजाय नमः ।* *✴️ॐ महाकालाय नमः।*
*✴️ॐ म्रर्त्युमा नमः ।*
*✴️ॐ दानवैन्द्र नमः ।*
*✴️ॐ अनन्ताय नमः ।*
*✴️जिस दिन आप के घर में श्राद्ध हो उस दिन गीता का सातवें अध्याय का पाठ करें  । पाठ करते समय जल भर के रखें । पाठ पूरा हो तो जल सूर्य भगवन को अर्घ्य दें और कहें की हमारे पितृ के लिए हम अर्पण करते हें। जिनका श्राद्ध है , उनके लिए आज का गीता पाठ अर्पण।*
          *✴️श्राद्ध कर्म✴️*
*✴️अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने बगल खुले करके (दोनों हाथ ऊपर करके) बोलें :*
*✴️”हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दे) को आप संतुष्ट/सुखी रखें । इस निमित मैं आपको अर्घ्य व भोजन कराता  हूँ ।” ऐसा करके आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दें और भोग लगायें ।*
*✴️श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है।(पद्म पुराणः)*
*✴️” ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा । “*
*✴️ इस मंत्र का जप करके हाथ उठाकर सूर्य नारायण को पितृ की तृप्ति एवं सदगति के लिए प्रार्थना करें । स्वधा ब्रह्माजी की मानस पुत्री हैं । इस मंत्र के जप से पितृ की तृप्ति अवश्य होती है और श्राद्ध में जो त्रुटी रह गई हो वे भी पूर्ण हो जाती है।*
*✴️श्राद्ध पक्ष में १ माला रोज द्वादश मंत्र ” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” की करनी चाहिए और उस माला का फल नित्य अपने पितृ को अर्पण करना चाहिए।*
*🌞दैनिक राशिफल🌞*
*27 सितम्बर, 2026, रविवार*
*✴️मेष राशि : कारोबार में चल रहे तनाव व आर्थिक मंदी से परेशान रहेंगे। कर्ज संबंधित प्रक्रिया को पूरा करने में लगे रहेंगे। व्यर्थ के दिखावे और आडंबरों से दूर रहें। रुका पैसा अचानक ही प्राप्त होगा।*
*✴️वृष राशि : आज का दिन परिवार के लिए महत्त्वपूर्ण है। आपकी बुद्धिमानी से सम्मान मिलेगा तथा व्यापार में उन्नति होगी। वाहन सावधानी से चलाएं। संतान के विवाह की चिंता रहेगी।*
*✴️मिथुन राशि : अपने दिल की बात कहने का अवसर मिलेगा। माता-पिता के साथ किसी जरूरी मुद्दों पर चर्चा होगी। स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी। राजकार्य अथवा शासन सत्ता से मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। काम के प्रति आलस्य न करें।*
*✴️कर्क राशि : समय पर काम करना सीखें। व्यापार बदलने का मन होगा। अपने काम पर ध्यान दें। यात्रा हो सकती है। आर्थिक प्रयासों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में नए प्रस्ताव समृद्धि के संकेत देंगे।*
*✴️सिंह राशि : आर्थिक तनाव के कारण समाज में आप का अपयश होगा। कार्यक्षमता में कमी आयेगी। व्यापार में उधारी अधिक होने से परेशानी बढ़ सकती है। व्यर्थ के दिखावे से दूर रहें।*
*✴️कन्या राशि : प्रयास करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। व्यापार में नई योजनाएं बनेंगी। खान-पान में सावधानी रखें। जवाबदारी के कार्य सफलता के साथ पूरे होंगे।*
*✴️तुला राशि : नौकरी में प्रयास सार्थक होंगे। व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में लाभ होने के योग बन रहे हैं। ऋण कैसे चुकाया जाये इस ओर ध्यान देना चाहिए। कानूनी मामले आपके पक्ष में हल होंगे।*
*✴️वृश्चिक राशि : कार्यस्थल पर वाद-विवाद से बचकर रहें। महत्वपूर्ण कार्यों में स्वयं सक्रिय होना आवश्यक है। साझेदारी की समस्या का निराकरण होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।*
*✴️धनु राशि : व्यापार में वृद्धि होकर आर्थिक क्षेत्र में सुधार की संभावना है। आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। नए कार्यों में सफलता मिलेगी। पुराने रोगों से पीडि़त रहेंगे।*
*✴️मकर राशि : व्यापारिक नए कार्यों को करने से लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। पुरानी उधारी, लेनदारी में सफलता मिलेगी। नवीन कार्य रचनाओं को साकार रूप दे सकते हैं।*✴️कुंभ राशि : नौकरीपेशा जातकों के लिए स्थानांतरण या पदोन्नति की संभावना है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। अपने प्रयासों से प्रगति की ओर अग्रसर हो, वाहन सुख संभव है।*
*✴️मीन राशि : आप क्यों व्यर्थ समय गंवा रहे हैं। अपनी जिम्मेदारी से विमुख न हों। सामाजिक कामों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अपने प्रयासों से प्रगति की ओर अग्रसर होंगे।*
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       *✴️ll जय श्री राम ।।
            *आचार्य विजय*
              9318539165