सबकी खबर , पैनी नज़र

July 24, 2026 6:55 pm

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

July 24, 2026 6:55 pm

प्रधानमंत्री को संसद के अंदर पेपर लीक मामलें पर कोई स्पष्टीकरण देना चाहिए था: कुलदीप सिंह राठौर

शिमला 24 जुलाई, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसमें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कोई भी नैतिकता अब बची नही है। नीट पेपर लीक मामले में जांच के नाम पर लीपापोती हो रही है। लोकतंत्र में युवाओं के साथ साथ विपक्ष की आवाज को भी दबाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।  जंतर मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता से साफ है कि उन्हें देश का भविष्य युवाओं, छात्रों की कोई चिंता नही है।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कुलदीप सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात सोशल मीडिया पर दिए गए उनके बयान पर तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह छात्रों व देशहित में किसी बड़े निर्णय का खुलासा करते,पर उन्होंने ऐसा कुछ नही किया। केवल नीट पेपर लीक मामले की जल्द सुनवाई को लेकर फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट के गठन की बात कर इतिश्री कर दी। उन्होंने अपने इस संदेश में आंदोलन में घायलों से संवेदना व पुलिस की बर्बरता पर एक भी शब्द नही बोला।
राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के अंदर पेपर लीक मामलें पर कोई स्पष्टीकरण देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि प्रधानमंत्री इस पूरे मामलें में  अब तक पूरी तरह खामोश रहें। अब जब यह आंदोलन पूरे देश मे तेजी से बढ़ रहा है तो ऐसे में उन्होंने अपने वीडियो प्रसारण में अपनी मुंह दिखाई की रस्म ही अदा की है। उन्होंने कहा कि आज देश मे परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में न तो राम मंदिर सुरक्षित है और न ही देश। अमरीका व ट्रम्प के दबाव में नीतियों बनाई जा रही है। विदेश नीति पूरी तरह कमजोर हो गई है। देश की सीमाएं तक सुरक्षित नही है।
राठौर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,प्रियंका गांधी व कांग्रेस सांसदों ने छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया है। कांग्रेस  इन युवाओं व छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक आंदोलन नही है यह देश का भविष्य युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक ऐसा मामला है जो उनके भविष्य को चौपट कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ साथ अन्य परीक्षाओं पर से लोगों का भरोसा खत्म होता जा रहा है,जो बहुत ही दुखदाई है।
राठौर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटाने,पुलिस की बर्बता के दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने व आंदोलनरत युवाओं पर बनाये गए सभी मामलों को वापिस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद के अंदर विपक्ष की सहमति से ऐसी सख्त नीति को लाना चाहिए जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी पुनरावृत्ति न हो। ऐसे मामलों में पूरी   जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।