शिमला, इस प्रतिष्ठित व्यावसायिक पाठ्यक्रम में दाखिले की अंतिम तिथि 26 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की जाती है कि वे समय रहते अपने आवेदन सुनिश्चित करें, ताकि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकें।
यह चार वर्षीय बैचलर इन होटल मैनेजमेंट कोर्स आज के दौर में अत्यंत प्रासंगिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम के रूप में उभर कर सामने आया है। पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग के निरंतर विस्तार के चलते प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह कोर्स विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशलों से भी सुसज्जित करता है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
इस कोर्स में प्रवेश हेतु न्यूनतम योग्यता बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 45 प्रतिशत निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पात्रता मानदंड पारदर्शी और समावेशी हों, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस कोर्स में प्रवेश प्राप्त कर सकें।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इस कोर्स के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रयोगशालाओं (लैबोरेट्रीज़) की स्थापना की है। इन प्रयोगशालाओं में नवीनतम उपकरण और तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग के वातावरण का अनुभव प्राप्त हो सके। फूड प्रोडक्शन लैब, फ्रंट ऑफिस लैब, हाउसकीपिंग लैब तथा फूड एंड बेवरेज सर्विस लैब को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। यह सुविधाएं विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं।
विश्वविद्यालय का यह संस्थान हिमाचल प्रदेश में होटल मैनेजमेंट शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। यहाँ उपलब्ध आधुनिक संसाधन, अनुभवी संकाय तथा उद्योग से जुड़ी प्रशिक्षण प्रणाली इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाती है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से इंडस्ट्री एक्सपोज़र, इंटर्नशिप और विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से व्यावसायिक दुनिया से जोड़ा जाता है।
इस कोर्स की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। विश्वविद्यालय के इस संस्थान से अध्ययनरत विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर लगभग 100 प्रतिशत रही है। देश के प्रतिष्ठित होटल समूहों, रिसॉर्ट्स, एयरलाइंस तथा अन्य आतिथ्य क्षेत्र की कंपनियों में विद्यार्थियों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है, जो इस कोर्स की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ. नितिन व्यास ने इस अवसर पर कहा कि “होटल मैनेजमेंट का क्षेत्र युवाओं के लिए अपार संभावनाओं से भरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में इस क्षेत्र का महत्व और भी बढ़ जाता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और एक सफल करियर की दिशा में अग्रसर हो सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से नवीनतम उपकरणों और तकनीकों को संस्थान में शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थी आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें।
डॉ. व्यास ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से आग्रह किया कि वे इस कोर्स के महत्व को समझें और अपने बच्चों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह कोर्स न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करता है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता को भी सुदृढ़ करता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। सभी इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा संबंधित विभाग से प्राप्त की जा सकती है। अंत में, डॉ. नितिन व्यास ने पुनः सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की कि वे 26 अप्रैल 2026 से पूर्व अपने आवेदन अवश्य जमा करें और इस प्रतिष्ठित कोर्स का हिस्सा बनकर अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखें।




