सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

March 13, 2026 9:54 pm

पूरा देश सदमे में है. 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 मासूम नागरिकों को भून डाला क्रूर आतंकियों ने. सभी मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि

पूरा देश सदमे में है. 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 मासूम नागरिकों को भून डाला क्रूर आतंकियों ने. सभी मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. मेरी भी श्रद्धांजलि है पर आप सबकी श्रद्धांजलि से भिन्न है.
26 सक्षम शरीर वाले लोगों को गोलियों से मौत दे दी गई और उनमें से एक ने भी प्रतिरोध नहीं किया. उन्हें प्वाइंट ब्लैंक पर मार दिया गया, जबकि वे उनकी राइफल छीन सकते थे. एक जांबाज जिसने प्रतिरोध किया, वह था खच्चर वाला सैयद आदिल हुसैन. जबकि उसका जीवन तो बिल्कुल भी खतरे में नहीं था (उसके मुस्लिम होने के कारण).
यह 26 सक्षम शरीर वाले एक के बाद एक मार दिए गए मात्र 4 लोगों के द्वारा..! यदि इनमें से किसी एक ने भी प्रतिरोध खड़ा करने का साहस किया होता तो, मै दावे के साथ कह सकता हूं कि यह 26 नहीं मारे जाते. इसीलिए मैं यहां पर सबसे निवेदन करना चाहता हूं कि सभी के पास एक सोच होना चाहिए कि कैसे इस प्रकार से मार दिए जाने से बचें और बचाएं.
याद रखें; यदि आप पॉइंट् ब्लैंक शूट किए जाते हैं तो आप को शरीर के उस अंग पर गोली मारी जाएगी जहां पर एक ही गोली आपका काम तमाम कर देगी. पर यदि आप प्रतिरोध करके उसका कॉपरेटिव टारगेट नहीं बनते हैं तो आप तो अधिक से अधिक संख्या में गोलियां झेलने के बाद भी नहीं मरेंगे. प्रतिरोध करने से कंधे में गोली लगेगी, पैर में लग सकती है, पेट और बाजू भी हिट हो सकते है. कहीं भी. अधिकतम संख्या में. पर नहीं मरेंगे.
युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थितियों में बहुत से सैनिकों को गोली लगती है. बहुत सी जब शत्रु पर आक्रमण के लिए आगे बढ़ते हैं. ऐसा बहुत देखा गया है कि 26 और 27 गोलियां लगने के बाद भी बच गए और एक सामान्य जीवन व्यतीत करने लगे. पर यदि वे कॉओपरेट करते तो वाइटल अंगों, सर या हृदय में हिट हो जाते और तुरन्त मारे जाते.
मेरा विनम्र अनुरोध है आप सभी से. एक सोच बनाएं कि कैसे ऐसी विपत्तियों का सामना सफलतापूर्वक करें. बहुत से टेक्नीक हैं. मैं आपका अधिक समय नहीं लूंगा, पर विनती करता हूं कि कृपया कभी भी आतातायी या आतंकी से बिल्कुल भी कोऑपरेट ना करते हुए प्रतिरोध करें और ऐसे सरलतम टारगेट बनते हुए ना मरें.
जब आतंकी आपका पैन्ट खोल रहे थे तब आप क्यों नहीं समझ पाए कि पैंट खोलकर वे क्या देखेंगे. क्यों पेंट खोल दिया. बल्कि ऐसे समय में तो आतंकी इतना पास था कि उसकी राइफल की बैरल को पकड़ कर दूसरी ओर घुमाया जा सकता था. उसके गुप्तांग में एक छोटा सा हिट आतंकी को बेहाल कर सकता था. मैं दावे के साथ आपको कहता हूं कि एक की भी राइफल छीन लेते तो बाकी तीन आतंकी भागते दिखाई देते.
कृपया. कृपा करके एक तैयारी के रूप में इन दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करें. कहीं भी ऐसे स्थान पर जाते हैं तो ऐसी विपदा आ सकती है. तब हिम्मत से सामना करने पर आपकी और आपके साथियों की जीवन रक्षा हो सकेगी. कृपया कभी भी इस प्रकार से किसी अनाचारी के सामने अपने आपको सरलता पूर्वक परोसकर मृत्यु को आमंत्रण ना दें. कभी भी नहीं.
जय हिन्द.
ब्रिगेडियर एस सी शर्मा