???????? आज ग्रेगोरियन अंग्रेजी दिनांक 06 जनवरी 2023 ???????? इसका प्रयोग हमें चैक,NEFT, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, आदि पर अंग्रेजी में चेक लिखना हो तब INC 16 PAUS 1944 हिंदी में चेक भरना हो तब
राष्ट्रीय सौर 16 पौष 1944 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? हमारी वैदिक व पौराणिक व्यवस्था बहुत ही वैज्ञानिक है अंतरिक्ष विज्ञान की विश्व की सबसे उत्तम गणना भारतीय वेद पुराणों में है। कुछ जनमानस अज्ञानता वश भारतीय वेदों ब पुराणों का उपहास करते हैं विदेशों में जिस दृढ़ता से संस्कृत भाषा आवश्यक हो रही है वह समय दूर नहीं कि उपहास कर्ताओं को मुंह की खानी पड़ेगी। इसका प्रचार प्रसार करना चाहिए। अपनी प्राचीनतम और सर्वश्रेष्ठ सभ्यता पर गर्व महसूस करना चाहिए, यही हमारी ऋषि-मुनियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 16 पौष 1944 (5124)???? ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5124 पौष मासे (वैदिक नाम सहस्य मासे) दिनांक 16 शुक्र वासरे ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ) पूजा अहम् करिष्यामी ऐसा कहकर हाथ से जल्द छोड़ दें. व्यक्तिगत प्रतिदिन की पूजा में तिथि नक्षत्र बोलने की आवश्यकता नहीं क्योंकि यह कर्मकांड की भाषा है???? राष्ट्रीय शक् संवत् (सन्)1944
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2079
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5124
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5249
???? श्री राम संवत्(सन्) 880165
???? सृष्टि संवत् 1955885123???? संवत्सर नल ???? दक्षिणायन
???? ऋतु शिशिर
???? यजुर्वेद के अनुसार इस महीने का नाम सहस्य मास है
???? प्रकृति ब सौर अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार इस महीने का नाम =पौष मास (सहस्य मास) (इससे अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष यान इसी के आधार पर भेजे जाते हैं। ऋतुओं, दिनांक तारीख Dates, नववर्ष का निर्धारण होता है)
???? सूर्य संक्रांति के अनुसार इस महीने का नाम = पौष (इससे त्योहार पर्व विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, आदि के मुहूर्त )
???? चन्द्र के अनुसार महीने का नाम = पौष (इसके अनुसार समुद्री यात्राएं , श्राद्ध-तर्पण, व्रत उद्यापन का निर्णय होता है)
???? पक्ष शुक्ल
???? तिथि पूर्णिमा माघ स्नान प्रारंभ
???? वार शुक्र वार
???? नक्षत्र आर्द्रा
???? दिनमान 25 घटी 42 पल (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 7:19 सूर्य अस्त 5:35
???? धनु राशि में सूर्या संक्रान्ति से प्रविष्टे 22
???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दूध या दही खाकर घर से निकले)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 to 12 :47
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 11:08 am से 12:26 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।???? गंडमूल 9 जनवरी प्रातः 6:00 बजे से 11 जनवरी दोपहर 11:49 तक???? पूर्णिमा, सत्यनारायण व्रत, माघ स्नान प्रारंभ, शाकंभरी देवी जयंती, मेला मंडार देवी सातारा महाराष्ट्र, पत्रकार दिवस 6 जनवरी शुक्रवार
???? संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी तिलकुटा वक्रतुंड चतुर्थी व्रत हिंदी दिवस चंद्रोदय रात्रि 8:42 पर 10 जनवरी मंगलवार
???? लोहड़ी पर्व 13 जनवरी शुक्रवार
???? मकर सक्रांति , श्री रामानंदाचार्य जयंती, खरमास समाप्त, पोंगल पर्व, माघबिहू, श्री गंगासागर यात्रा आरंभ खिचड़ी महोत्सव 14 जनवरी शनिवार
???? काल अष्टमी , जल्लीकट्टू तमिल, 15 जनवरी रविवार
???? पंचक 23 जनवरी दोपहर 1:53 से 27 जनवरी शाम 6:36 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 8 जनवरी प्रातः 7:19 से 9 जनवरी प्रातः 6:04 तक
???? सर्वार्थसिद्धि योग 7 जनवरी 2:13 am से 7:19 am तक
???? अमृत सिद्धि योग 18 जनवरी प्रातः 7:18 से शाम 5:22 तक???? रवि पुष्य योग 8 जनवरी 7:19 am से 9 जनवरी 6:04 am तक
???? द्विपुष्कर योग 14 जनवरी 6:13 pm से 7:22 pm तक (इस समय में किया गया कार्य दोगुना होता है)
???? त्रिपुष्कर योग 13 फरवरी 2:26 am से 7:06 am तक (इस समय किया गया कार्य तीन गुना वृद्धि होता है)
???? ज्वालामुखी योग 27 फरवरी 00:58 am से 5:18 am तक ( इस समय किया हुआ कार्य सफल नहीं होता)



