सबकी खबर , पैनी नज़र

May 23, 2026 4:24 pm

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

May 23, 2026 4:24 pm

उच्च शिक्षा संस्थानों में तनावमुक्त रचनात्मक वातावरण निर्माण के लिए किए जाएं प्रयास : अभाविप।

अभाविप की तिरुचिरापल्ली बैठक में शैक्षिक परिसरों को ‘आनंदमय सार्थक छात्र जीवन का केंद्र ‘ निर्मित करने का
हुआ था आह्वान।

शिमला (हिमदेव न्यूज़) 10 मार्च 2023: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में अकादमिक दबाव व तनावों को कम करने की दिशा में
संस्था तथा नीतिगत दोनों स्तरों पर शीघ्रता से प्रयास किए जाने की मांग करती है। कोरोना सहित विभिन्न कारकों ने विद्यार्थियों के
बीच कई तरह की मुश्किलें उत्पन्न की हैं, जिसके कुपरिणाम कई रूपों में सामने आ रहे हैं। अभाविप की मांग है कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के मध्य अकादमिक तनाव जैसी समस्याओं को दूर करने के निमित्त शैक्षणिक परिसरों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों व गतिविधियां शुरू करने के साथ ऐसे प्रयास होने चाहिए जो छात्रों के मध्य सकारात्मकता का प्रसार कर सकें। सन् 2020 में तिरुचिरापल्ली में सम्पन्न हुई अभाविप की विचार बैठक में परिसरों को आनंदमय सार्थक छात्र जीवन का केन्द्र बनाने तथा विद्यार्थी के शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ सामाजिक व राष्ट्र जीवन के लिए उपयोगी बनने हेतु रचनात्मक परिवेश निर्मित करने का मत आया था। अभाविप का स्पष्ट मत है कि शैक्षणिक परिसरों को दबाव व तनावमुक्त कर रचनात्मक परिवेश निर्मित करने की दिशा में शीघ्रता से कार्य करने की आवश्यकता है। अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि, “बीते दिनों में जिस प्रकार से देश के अलग-अलग उच्च शिक्षा
संस्थानों में आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं, वह बेहद चिंताजनक हैं। इस तरह की स्थिति सुधरे इसलिए विभिन्न
सकारात्मक कदम उठाने होंगे। अकादमिक तनाव को कम करने की दिशा में सरकार तथा शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों सहित सभी
हितधारकों को एकसाथ आना होगा व शैक्षणिक परिसरों में सकारात्मक परिवर्तन और विद्यार्थियों के लिए खुला एवं रचनात्मक परिवेश निर्मित करने की दिशा में तेजी से प्रयास करने होंगे।” अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले शिक्षण संस्थानों में आत्माहत्याएं जैसी घटनाएं सामने आ रही है यह बहुत ही चिंता जनक है । हमें यह जानने की आवश्यकता है कि आत्महत्या किस दबाव व किस कारण से हो रही है।इसे सुधारने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अभिभावकों से भी मांग करती है कि अपने बच्चों को परिक्षाओं में केवल अधिक नंबर लेने के लिए दबाव ना बनाए बल्कि उनको ज्ञान केंद्रित शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी बनाएं।