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February 7, 2026 8:48 pm

व्यवस्था परिवर्तन’ का खोखला राग अलापना बंद कर काम पर ध्यान दें मुख्यमंत्री: जयराम ठाकुर

स्मार्ट मीटर टेंडर में चहेतों को  लाभ देने में नहीं दिखा मुख्यमंत्री का वित्तीय अनुशासन*

*पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने पालमपुर में मुख्यमंत्री पर बोला तीखा हमला, कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान और वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप*

पालमपुर: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने कांगड़ा प्रवास के पहले दिन पालमपुर में भाजपा के शहरी और ग्रामीण मंडलों की महत्वपूर्ण बैठकों में शिरकत की, जहाँ उन्होंने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए अभी से कमर कस लेने का आह्वान किया। जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में जिस प्रकार के हालात बन चुके हैं, उन्हें देखते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो जाना चाहिए क्योंकि प्रदेश में ‘कभी भी कुछ भी’ घटित हो सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलकर सत्ता में आई है और अपने वित्तीय कुप्रबंधन से इस खुशहाल प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे केवल ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का खोखला राग अलापना बंद करें और अपनी हठधर्मिता त्याग कर  राज्य को कर्ज के भारी बोझ से  बाहर निकालने हेतु ठोस कदम उठाया जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले तीन वर्षों से हर मंच से यह दावा करते रहे कि वे 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाएंगे, लेकिन अब उनकी सारी ‘हेकड़ी’ निकल चुकी है और वे बजट का रोना रो रहे हैं। क्योंकि जिस समय को लेकर वह प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रहे थे वह समय बेहद नजदीक आ गया है और उनका झूठ बेनकाब हो चुका है।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने का जो शोर मचा रहे हैं, उसके बारे में उन्हें 15वें वित्त आयोग के समय ही सूचित कर दिया गया था कि 16वें वित्त आयोग में यह सुविधा नहीं मिलेगी, इसके बावजूद वित्त विभाग का जिम्मा संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कोई तैयारी नहीं की और केवल झूठी गारंटियों का ढोल पीटते रहे। उन्होंने सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि सरकार रोने और चिल्लाने से नहीं चलती। एक तरफ मुख्यमंत्री खजाना खाली होने का विलाप कर रहे हैं और दूसरी तरफ अपने ‘मित्रों’ को कैबिनेट रैंक बांटकर सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। एक दर्जन से अधिक मित्रों को मंत्री स्तर की सुख-सुविधाएं और वेतन दिए जा रहे हैं, जबकि मंत्रिमंडल का एक खाली पद तक भरने की उनमें हिम्मत नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल अपने करीबियों का भला करने में व्यस्त हैं, जिसके कारण आज हिमाचल बर्बादी की कगार पर खड़ा है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए बेवजह केंद्र सरकार को कोसा जा रहा है। उन्होंने विशेष सत्र बुलाने की मांग को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि राज्यपाल से मिली ‘लताड़’ के बाद मुख्यमंत्री की बौखलाहट साफ दिख रही है। पत्रकारों के सवालों  का जवाब देते हुए ठाकुर ने चेतावनी दी कि वित्तीय कुप्रबंधन के कारण अब प्रदेश में हर माह मिलने वाली सैलरी और पेंशन रुकने की नौबत आ गई है, विधायक निधि रोक दी गई है और पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद सरकार चुनाव कराने से डर रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्मार्ट मीटर टेंडर प्रक्रिया में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है और केवल चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए नियम ताक पर रखे गए हैं। स्मार्ट मीटर टेंडर  में मित्र  मंडल को ही लाभ पहुंचाना था अतः पूरे मामले में मुख्यमंत्री का वित्तीय अनुशासन और वित्तीय दक्षता कहीं नज़र नहीं आई। इसमें सिर्फ प्रदेश के लोगों को ठगने का कामहुआ है।
इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश प्रमुख प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, पूर्व विधायक मुल्खराज प्रेमी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रागिनी रकवाल, मंडल अध्यक्ष ग्रामीण सुरेश पठानिया, मंडल अध्यक्ष शहरी गोपेश भृगु और प्रदेश मीडिया सह-संयोजक विश्व चक्षु सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में सरकार की नीतियों की आलोचना की और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए लोगों का भी उन्होंने पटके पहनाकर स्वागत किया। इससे पूर्व उनका पालमपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ और गर्मजोशी के साथ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की